
शीतल म्हात्रे (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai News In Hindi: राज्य की नजरें जिस मुंबई महानगरपालिका पर टिकी थीं, वहां भाजपा-शिवसेना महायुति को स्पष्ट बहुमत मिला है। हालांकि यह बहुमत बेहद सीमित होने के कारण राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ और पार्षदों की तोड़-फोड़ की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
इसी बीच, एकनाथ शिंदे की शिवसेना द्वारा अपने 29 पार्षदों को मुंबई के एक फाईव स्टार होटल में ठहराए जाने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा है कि शिवसेना अपनी ‘बार्गेनिंग पावर’ बढ़ाने के लिए पार्षदों को होटल में रख रही है और यह महापौर व स्थायी समिति अध्यक्ष पद को लेकर दबाव की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
वहीं, ठाकरे गुट द्वारा शिंदे गुट के पार्षदों को तोड़े जाने की आशंका भी जताई जा रही है। इन अटकलों पर शिंदे गुट की शिवसेना की महिला प्रवक्ता शीतल म्हात्रे ने स्थिति स्पष्ट की। मुंबई महानगरपालिका के नतीजों के बाद शुरू हुई ‘होटल पॉलिटिक्स’ पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि हम महायुति के तौर पर लड़े और जीते हैं।
हमारी पीठ में छुरा घोंपने की कोई भूमिका नहीं है। हम महायुति के रूप में ही सत्ता में आएंगे। भाजपा के 89 पार्षद चुने जाने के बाद 114 के ‘मैजिक फिगर’ तक पहुंचने के लिए एकनाथ शिंदे की भूमिका अहम मानी जा रही है। यह संभावना जताई जा रही है कि शिंदे ढाई-ढाई साल के महापौर पद का प्रस्ताव रखेंगे।
बृहन्मुंबई नगर निगम चुनाव में महायुति ने एक बार फिर जीत का परचम लहराया है। मगर, शिवसेना पार्षदों की 5-स्टार होटल में हुई बैठक के बाद दलबदल की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले पर चुप्पी तोड़ते हुए सभी अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया है।
सीएम फडणवीस ने दलबदल की अटकलों से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि मुंबई में सर्वसम्मति से महायुति का महापौर चुना जाएगा। शिंदे की होटल में पार्षदों से हुई मुलाकात पर सीएम फडणवीस ने आगे कहा कि जैसे मैं पुणे में नवनिर्वाचित पार्षदों से मुलाकात कर रहा हूं, वैसे ही शिंदे भी नए पार्षदों से मिल रहे हैं। उन्होंने सभी को बैठक के लिए बुलाया होगा, दलबदल का कोई सवाल ही नहीं उठता है। सीएम फडणवीस के अनुसार, शिंदे और मैं जल्द ही अन्य नेताओं के साथ मुलाकात करेंगे।
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शीतल म्हात्रे ने बताया कि पार्टी के करीब 20 पार्षद नए हैं और उन्हें महानगरपालिका के कामकाज की पूरी जानकारी नहीं है। इसी कारण उनके लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया है और उसी उद्देश्य से पार्षदों को होटल में ठहराया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि ये वही पार्षद हैं जो उद्धव ठाकरे गुट के पार्षदों को हराकर आए हैं।






