असली शिवसेना की जंग में ‘पिछड़’ गए शिंदे! BMC में उद्धव ने दी पटकनी, ठाकरे की 65 सीटों ने बढ़ाई CM की टेंशन?
Uddhav Thackeray performance: बीएमसी नतीजों के बाद महायुति में दरार! भाजपा को 'खलने' लगे शिंदे, क्या उद्धव ठाकरे की दमदार वापसी से बदलेगा महाराष्ट्र का समीकरण?
- Written By: प्रिया जैस
उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Eknath Shinde BJP tension: महाराष्ट्र में 29 महानगरपलिका चुनाव के परिणाम आने के बाद महायुति के अंदर बीजेपी और शिवसेना शिंदे गुट के रिश्तों में तल्खी ज्यादा बढ़ गई है। जिस तरह से डिप्टी एकनाथ शिंदे ने मुंबई की बीएमसी में अपना मेयर बनाने का दावा पेश किया है। उस वजह से शिंदे, बीजेपी को खलने लगे हैं।
सूत्रों के मुताबिक बीजेपी को लग रहा है कि जिस शिंदे को उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत करने में सहयोग दिया गया था, अब वे बीजेपी को ही आँखें दिखाने लगे हैं। उनका यह रवैया खास कर प्रदेश बीजेपी नेताओं को रास नहीं आ रहा है।
बीजेपी का यह भी मानना है कि मुंबई के बीएमसी चुनाव में शिंदे गुट, उद्धव गुट को दमदार चुनौती देने में विफल रही है। कई सीटों पर सीधी फाइट में उद्धव गुट ने शिंदे गुट को बड़ी पटखनी दी है। ऐसे में बीजेपी को लग रहा है कि जनता के बीच असली शिवसेना की लड़ाई में शिंदे पिछड़ गए हैं।
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मुश्किल हालात में अच्छा प्रदर्शन
इस बार के महानगर पालिका चुनाव में उद्धव ठाकरे ने विपरीत हालात के बावजूद अच्छा प्रदर्शन किया है। इस चुनाव में उन्हें अपने चचरे भाई राज ठाकरे का साथ मिला, लेकिन कांग्रेस ने ठाकरे बंधु के खिलाफ चुनाव लड़ने का फैसला किया। इसके बावजूद उद्धव की पार्टी मुंबई में 65 सीटें जीतने में सफल रही है। चुनाव परिणाम को देखते हुए अगर कांग्रेस ने ठाकरे बंधु के साथ मिल कर चुनाव लड़ा होता तो तस्वीर कुछ और होती।
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सूत्रों के मुताबिक बीजेपी के अंदर उद्धव के दमदार प्रदर्शन की तारीफ हो रही है। जबकि शिंदे की शिवसेना मुंबई में 90 सीटों पर लड़ने के बावजूद सिर्फ 29 सीटों पर चुनाव जीतने में सफल रही। ऐसे में अब बीजेपी को लग रहा है कि राजनीतिक लिहाज से शिंदे गुट के मुकाबले उद्धव गुट का पलड़ा भारी है। हालांकि राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है। ऐसे में आने वाले दिनों में किसी बड़े उलटफेर की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।
