Mumbai: पाला बदलने वालों को जनता ने नकारा, शिंदे गुट को बड़ा झटका
Maharashtra Local Body Elections: बीएमसी चुनाव में उत्तर-पश्चिम मुंबई में दल बदलने वाले शिंदे गुट और बीजेपी उम्मीदवारों को जनता ने नकार दिया। कई दिग्गज नेताओं को हार का सामना करना पड़ा।
- Written By: अपूर्वा नायक
बीएमसी (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mumbai News In Hindi: बीएमसी चुनाव में रातों रात पाला बदलने वालों को जनता ने नकार दिया है। उत्तर पश्चिम जिले में शिवसेना उद्धव गुट छोड़कर शिवसेना शिंदे गुट का दामन पकड़ने वाले 10 उम्मीदवारों को मात मिली है।
उत्तर पश्चिम जिले के सांसद रविंद्र वायकर अपनी पुत्री एड। दीप्ति वायकर को भी हार से नहीं बचा सके। लोकसभा चुनाव में शिवसेना उद्धव गुट के अमोल कीर्तीकर से करीब 100 वोटों से जीतने वाले रविंद्र वायकर की पत्नी मनीषा वायकर भी जोगेश्वरी पूर्व विधानसभा से चुनाव हार गई थीं।
शिवसेना शिंदे गुट के चार उम्मीदवारों ने इस क्षेत्र से जीत हासिल की है। 2017 के बीएमसी चुनाव में अविभाजित शिवसेना ने इस लोकसभा क्षेत्र के 15 वार्डों पर कब्जा किया था, जो इस बार भी बरकरार है।
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ऑफिस में रणनीति बनाते रहे चुनाव प्रभारी
बीजेपी ने इस बार यहां से कुल 26 उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा था, जिसमें सिर्फ 16 उम्मीदवार ही जीत सके, शिंदे गुट के जाने के बाद इस क्षेत्र में बीजेपी का जनाधार तेजी से घटा है। 2017 के चुनाव में बीजेपी का यहां के 20 वाडों पर कब्जा था, जो अब 16 पर सिमट गया है।
बीजेपी के पूर्व नगरसेवक विनोद मिश्रा वार्ड क्रमांक-43 में एनसीपी शरद गुट के अजित रावराणे से चुनाव हार गए। बीजेपी की चार बार की नगरसेवक रही उज्ज्वला मोडक मनसे की विद्या कांगने से चुनाव हार गई।
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बीजेपी के स्थानीय कार्यकर्ताओं का मानना है कि चुनाव प्रभारी आफिस में बैठकर चुनावी रणनीति बनाते रहे, यहां के सांसद रविंद्र वायकर भी किसी चुनावी रैली में हिस्सा नहीं लिए। बीजेपी की अंदरूनी लड़ाई से कार्यकर्ताओं में नाराजगी दिखी, कांग्रेस पार्टी 2017 में यहां से तीन वार्डों पर जीत हासिल की थी, इस बार वार्ड क्रमांक 61 में दिव्या सिंह और 66 में हैदर मेहर मोहसिन ने जीत हासिल की है।
