आश्रम विद्यालय में छात्रा आत्महत्या प्रकरण की विधानसभा में गूंज, आदिवासी प्रकल्प अधिकारी निलंबित
Ashram School Suicide Case: मुरबाड के मोरोशी आश्रम विद्यालय में छात्रा आत्महत्या मामले की गूंज विधानसभा में सुनाई दी, जहां मंत्री अशोक उइके के निर्देश पर आदिवासी प्रकल्प अधिकारी को निलंबित किया गया।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: आंचल लोखंडे
Moroshi Ashram School (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Assembly: ठाणे और पालघर सहित राज्य के आदिवासी इलाकों में संचालित आश्रम विद्यालयों की दुर्दशा तथा एक आदिवासी छात्रा की आत्महत्या के मुद्दे को लेकर भाजपा विधायक संजय केलकर ने बुधवार को विधानसभा में शासन-प्रशासन को आड़े हाथों लिया। मुरबाड तालुका के मोरोशी आश्रम स्कूल की 10वीं कक्षा की छात्रा के आत्महत्या मामले में प्राचार्य और महिला अधीक्षिका को निलंबित कर दिया गया है, लेकिन प्रकल्प अधिकारी पर कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा उन्होंने जोरदार ढंग से उठाया।
विधायक संजय केलकर ने विधानसभा में प्रकल्प अधिकारी को तुरंत निलंबित करने की मांग की। इसके बाद आदिवासी विकास मंत्री अशोक उइके के निर्देश पर शाहापुर के आदिवासी प्रकल्प अधिकारी को तत्काल निलंबित कर दिया गया।
ट्राइबल स्कूलों में सुविधाओं का अभाव
राज्यभर के आदिवासी स्कूलों में सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाते हुए संजय केलकर ने कहा कि एक तरफ ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने की बात की जा रही है, वहीं दूसरी ओर आश्रम स्कूलों और छात्रावासों में सेवा, सुविधाएं, सुरक्षा और गुणवत्ता का अभाव है।
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आश्रम विद्यालयों की दुर्दशा पर विधायक का हल्ला बोल
उन्होंने कहा कि ट्राइबल प्रोजेक्ट विभाग की ओर से समय-समय पर दौरा योजना बनाना, आश्रम स्कूल और छात्रावासों का निरीक्षण करना तथा आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रकल्प अधिकारी की जिम्मेदारी होती है। लेकिन मोरोशी आश्रम स्कूल की घटना में जिम्मेदार प्रकल्प अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसलिए उन्होंने सदन में अधिकारी को तत्काल निलंबित करने की पुरजोर मांग की। साथ ही पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की भी मांग रखी।
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मंत्री का जवाब
इस पर जवाब देते हुए आदिवासी विकास मंत्री अशोक उइके ने माना कि आश्रम स्कूलों में इस तरह की घटनाएं गंभीर हैं और सरकार इस मामले में आवश्यक कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि मोरोशी आश्रम स्कूल में छात्रा की आत्महत्या के मामले में जांच समिति गठित की गई थी। रिपोर्ट मिलने के बाद प्राचार्य प्रल्हाद भोई और महिला अधीक्षिका जयश्री वागले को निलंबित कर दिया गया है।
मंत्री उइके ने यह भी बताया कि पीड़ित परिवार को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इसके बाद विधायक केलकर के सवाल पर विधानसभा में ही मंत्री के निर्देश से आदिवासी प्रकल्प अधिकारी को भी निलंबित कर दिया गया।
