BJP-शिवसेना-RPI में मैत्रीपूर्ण लड़ाई या कलह? रामदास आठवले के बयान से मिले ये संकेत
BMC Election: मुंबई में भाजपा-शिवसेना और आरपीआई गठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर असमंजस की स्थिति है। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया प्रमुख और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने इसे लेकर बड़ा बयान दिया है।
- Written By: आकाश मसने
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले (सोर्स: सोशल मीडिया)
Ramdas Athawale Statement: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों को लेकर केंद्रीय सामाजिक न्याय राज्य मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के प्रमुख रामदास आठवले ने अपनी पार्टी की स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में होने वाले महानगरपालिका चुनावों में आरपीआई 18 से 20 सीटों पर मैत्रीपूर्ण तरीके से चुनाव लड़ेगी।
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने बताया कि उनकी पार्टी की मांग थी कि उन्हें 10 से 15 सीटें दी जाएं। इस संबंध में एकनाथ शिंदे और शिवसेना के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ बातचीत भी हुई थी। हालांकि, सीट बंटवारे को लेकर कुछ व्यावहारिक दिक्कतें सामने आईं।
भाजपा से मित्रता बनी मुद्दा
आठवले ने कहा कि शिवसेना की ओर से यह तर्क दिया गया कि आरपीआई भाजपा की मित्र पार्टी है, इसलिए आरपीआई को भाजपा के कोटे से सीटें मिलनी चाहिए थीं। इसी कारण 27 सीटों को लेकर सहमति बनने में परेशानी हुई। इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है।
सम्बंधित ख़बरें
मुंबई लोकभवन में सुरक्षाकर्मी ने खुद को मारी गोली, कोल्हापुर SRPF जवान की मौके पर मौत, जांच में जुटी पुलिस
अलीराजपुर में मंत्री संपत्तिया उइके के बदले सुर, पहले ‘शराब कारोबारी’ कहा, अब बोलीं- नागर सिंह मेरे भाई हैं
Explainer: यूपी में बीजेपी के सामने सपा कितनी मजबूत? अखिलेश यादव को परेशान कर सकती हैं ये चुनौतियां
‘RSS पर उंगली उठाई तो तोड़ देंगे हाथ’, दिग्विजय सिंह के बयान पर भड़की BJP; सांसद ने दी खुली चेतावनी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सीट बंटवारे को लेकर स्थिति जल्द ही पूरी तरह साफ हो जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में हालात कैसे रहेंगे, यह बाद की बात है, लेकिन फिलहाल पार्टी ने 18-20 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
महायुति में बने रहेंगे: आठवले
रामदास आठवले ने बताया कि मुख्यमंत्री फडणवीस ने आरपीआई को एक एमएलसी पद, दो महामंडलों में चेयरमैन और उपाध्यक्ष पद, साथ ही महानगरपालिका समितियों में प्रतिनिधित्व देने की बात कही है। इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आरपीआई ने महायुति के साथ बने रहने का निर्णय लिया है।
यह भी पढ़ें:- मैं आदेश देता हूं… विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर ने पूर्व सांसद को धमकाया, Video से मचा हड़कंप
विकास के एजेंडे के साथ एनडीए में आरपीआई
केंद्रीय मंत्री आठवले कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए आरपीआई एनडीए के साथ मजबूती से खड़ी है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि सीटों को लेकर कुछ नाराजगी जरूर थी, लेकिन मैत्रीपूर्ण ढंग से चुनाव लड़ना समय की मांग है। आठवले ने अंत में कहा कि मुंबई में जहां 18–20 सीटों पर आरपीआई चुनाव लड़ेगी, वहीं बाकी सीटों पर पार्टी महायुति उम्मीदवारों का समर्थन करेगी।
