BMC चुनाव का महामंच तैयार, मैदान में 1000 से अधिक दावेदार, आज पर्चों की होगी जांच
BMC Election 2026 Nomination: मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव के लिए नामांकन का दौर खत्म हो चुका है। 227 सीटों के लिए 1000 से ज्यादा उम्मीदवारों ने ताल ठोंकी है। क्या बागी बिगाड़ेंगे दिग्गजों का खेल?
- Written By: प्रिया जैस
मुंबई न्यूज (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai News: देश की सबसे अमीर महानगरपालिका, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के आगामी चुनाव के लिए सियासी बिसात बिछ चुकी है। 23 दिसंबर से शुरू हुई नामांकन प्रक्रिया 30 दिसंबर को भारी गहमागहमी के बीच समाप्त हो गई। मुंबई की 227 सीटों पर कब्जा करने के लिए 1000 से अधिक उम्मीदवारों ने अपने पर्चे दाखिल किए हैं। नामांकन के आखिरी दिन बीएमसी के 23 केंद्रों पर भारी भीड़ और ढोल-नगाड़ों के साथ शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला।
आज होगी नामांकन पत्रों की जांच
बीएमसी प्रशासन के अनुसार, खबर लिखे जाने तक नामांकन पत्रों की अंतिम गिनती जारी थी। आज यानी 31 दिसंबर को दाखिल किए गए सभी नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी (जांच) की जाएगी। उम्मीदवारों के पास अपने नाम वापस लेने के लिए 2 जनवरी 2026 तक का समय है। इसके ठीक अगले दिन, 3 जनवरी को अंतिम उम्मीदवार सूची का प्रकाशन होगा और चुनाव चिन्हों का आवंटन किया जाएगा।
त्रिकोणीय मुकाबले के आसार और नया गठबंधन
इस बार मुंबई की सड़कों पर कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। मुख्य लड़ाई भाजपा-शिंदे सेना और ठाकरे बंधुओं (उद्धव और राज ठाकरे) के गठबंधन के बीच मानी जा रही है। हालांकि, समीकरण तब बदल गए जब कांग्रेस ने वंचित बहुजन आघाडी और राष्ट्रीय समाज पक्ष के साथ हाथ मिला लिया।
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वहीं, अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने अकेले दम पर चुनाव लड़ने का फैसला कर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस के लिए यह राह आसान नहीं होगी।
अपनों ने ही बढ़ाई मुश्किल: बागियों की चुनौती
टिकट वितरण में रिश्तेदारों और करीबियों को तरजीह देने के कारण लगभग हर बड़े दल में असंतोष की लहर है। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर पर्चा भर दिया है। भाजपा सूत्रों के मुताबिक, पार्टी अब 227 वार्डों के बागियों की लिस्ट तैयार कर रही है ताकि उन पर नाम वापसी के लिए दबाव बनाया जा सके। यही स्थिति अन्य दलों की भी है, जिन्हें डर है कि ये ‘बागी’ उनके आधिकारिक उम्मीदवारों का वोट काट सकते हैं।
आरक्षण और सीटों का गणित
इस बार बीएमसी चुनाव में आरक्षण का स्वरूप बेहद दिलचस्प है।
कुल 227 वार्डों में से:
सामान्य वर्ग: 149 वार्ड (74 महिलाओं के लिए आरक्षित)
ओबीसी (OBC): 61 वार्ड (31 महिलाओं के लिए आरक्षित)
अनुसूचित जाति (SC): 15 वार्ड (8 महिलाओं के लिए आरक्षित)
अनुसूचित जनजाति (ST): 2 वार्ड (1 महिलाओं के लिए आरक्षित)
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प्रमुख दलों की चुनावी भागीदारी
विभिन्न दलों ने अपनी ताकत झोंक दी है। शिवसेना यूबीटी 153 सीटों पर, कांग्रेस 139, भाजपा 137, और अजित पवार की राकांपा 94 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। वहीं शिंदे गुट की शिवसेना 90, मनसे 63 और शरद पवार की राकांपा 11 सीटों पर अपनी किस्मत आजमा रही है।
वार्डवार नामांकन की स्थिति
कुछ प्रमुख वार्डों में उम्मीदवारों की भारी संख्या ने मुकाबले को रोचक बना दिया है:
- वार्ड एन: 97 नामांकन पत्र
- वार्ड एल: 91 नामांकन पत्र
- वार्ड एफ दक्षिण: 64 नामांकन पत्र
- वार्ड पी उत्तर: 59 नामांकन पत्र
मुंबई की जनता अब 2 जनवरी का इंतजार कर रही है, जब यह साफ होगा कि चुनावी रण में अंतिम रूप से कितने योद्धा शेष बचते हैं।
