सावरकर को भारत रत्न देने के प्रस्ताव पर विधानसभा में हंगामा, बीजेपी विधायक मुनगंटीवार ने अपनी ही सरकार को घेरा
Maharashtra Assembly Savarkar Bharat Ratna Resolution: महाराष्ट्र विधानसभा में वीर सावरकर को भारत रत्न देने के प्रस्ताव में देरी पर सुधीर मुनगंटीवार ने अपनी ही सरकार पर सवाल उठाए।
- Written By: अनिल सिंह
वीर सावरकर और सुधीर मुनगंटीवार (फोटो क्रेडिट-X)
Sudhir Mungantiwar On Veer Savarkar Bharat Ratna: महाराष्ट्र विधानमंडल के मानसून सत्र के दौरान सावरकर को ‘भारत रत्न’ देने के मुद्दे पर सत्ता पक्ष के भीतर की ही बड़ी रार खुलकर सामने आ गई है। स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर (वीर सावरकर) को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजने के प्रस्ताव में हो रही प्रशासनिक देरी को लेकर सदन में 9 जुलाई को जमकर घमासान हुआ।
इस मुद्दे पर किसी विपक्षी दल ने नहीं, बल्कि सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के ही वरिष्ठ और कद्दावर विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने अपनी ही महायुति सरकार को पूरी तरह कटघरे में खड़ा कर दिया। मुनगंटीवार की तीखी नाराजगी के बाद सदन में पैदा हुई असहज स्थिति को संभालने के लिए खुद विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को आगे आकर आधिकारिक स्पष्टीकरण देना पड़ा।
शेतकऱ्यांची फसवणूक आणि कायद्यातील पळवाटा यामुळे निर्माण झालेले गंभीर संकट आज विधानसभेत ठामपणे मांडत कठोर कायदेशीर उपाययोजनांची मागणी केली. pic.twitter.com/qWGH0Ve0CH — Sudhir Mungantiwar (@SMungantiwar) July 10, 2026
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सुधीर मुनगंटीवार ने जताई सरकार से नाराजगी
बीजेपी विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए याद दिलाया कि पिछले सत्र में सरकार ने सावरकर को भारत रत्न देने का प्रस्ताव जल्द लाने का लिखित आश्वासन दिया था। उन्होंने बेहद तल्ख लहजे में कहा, “अगर सत्ता में आने के बाद आपकी मूल राजनीतिक विचारधारा ही बदल गई है, तो मैं इस संवेदनशील मसले को सदन में दोबारा कभी नहीं उठाऊंगा।” उन्होंने सीधे तौर पर सरकार के काम करने के तौर-तरीकों को उनकी विचारधारा के विपरीत बताया।
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विधानसभा स्पीकर ने स्थिति की स्पष्ट
सुधीर मुनगंटीवार के इस सीधे हमले के बाद विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने सदन के सामने स्थिति को स्पष्ट करने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि कार्य संचालन सलाहकार समिति की बैठक में विभिन्न दलों के नेताओं के साथ इस विषय पर समय की कमी के कारण चर्चा नहीं हो सकी थी। अध्यक्ष नार्वेकर ने भरोसा दिलाया कि यह प्रस्ताव छूटना पूरी तरह अनजाने में हुआ है और अगले विधानसभा सत्र में इसे पूरी सावधानी के साथ सदन के पटल पर लाया जाएगा।
बीजेपी के एजेंडे पर खड़े हुए सवाल
गौरतलब है कि बीजेपी साल 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के समय से ही वीर सावरकर को भारत रत्न देने का मसला अपने चुनावी घोषणापत्र (Manifesto) में प्रमुखता से उठाती रही है। वर्तमान में केंद्र और महाराष्ट्र दोनों ही जगह बीजेपी और उसके एनडीए (NDA) सहयोगियों की पूर्ण बहुमत वाली सरकार होने के बावजूद इस तकनीकी चूक और देरी ने पार्टी के भीतर की आंतरिक नाराजगी और अंतर्विरोधों को पूरी तरह उजागर कर दिया है।
