

Maharashtra Local Body Election: ठाणे, नवी मुंबई, पनवेल, कल्याण-डोंबिवली, उल्हासनगर और मुंबई महानगरपालिका चुनाव 2026 के लिए सभी पार्टियां अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर रही हैं।
बीजेपी ने इस बार मुंबई में किसी भी हाल में अपना महापौर बनाने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को पूरा करने में बीजेपी को जहां अपने सहयोगी दल शिवसेना (शिंदे गुट) और आरपीआई (आठवले) की मदद मिल रही है, तो वहीं बीजेपी की मदद को अब राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) भी मैदान में आ गया है।
दूसरी तरफ इस चुनाव को राज और उद्धव ठाकरे दोनों भाइयों के लिए सियासी अस्तित्व की लड़ाई माना जा रहा है। इस सच्चाई को भांपते हुए दोनों भाइयों ने भी खास रणनीति बनाई है। मुंबई में ठाकरे बंधुओं के एकजुट होने से मराठी मतदाताओं के उनके पक्ष में ध्रुवीकरण की संभावना व्यक्त की जा रही है।
लेकिन ये भी सच्चाई है कि पिछले कुछ वर्षों में मुंबई के मराठी भाषियों में बीजेपी की पैठ बढ़ी तथा जनसंख्या वृद्धि और महानगर से मराठी भाषिक लोगों के पालघर, ठाणे एवं दूसरे जिलों में पलायन के कारण मराठी मतदाताओं की संख्या पहले जितनी नहीं रही है। फिर भी मराठी मतदाताओं के कठाकरे बंधुओं की ओर झुकने की संभावना दिखाई दे रही है।
राज और उद्धव ठाकरे ने मुंबई की विभिन्न शाखाओं का दौरा शुरू किया है। उन्होंने शिवसेना के गढ़ लालबाग क्षेत्र के वार्ड नंबर 204 से अपने प्रचार की शुरुआत की। उद्धव ठाकरे कुल 12 शाखाओं का दौरा करेंगे, जबकि राज और उद्धव चार-पांच शाखाओं में साथ दिखाई देंगे। इसके अलावा दोनों भाई संयुक्त रूप से सभाएं भी करेंगे।
बीजेपी के साथ मठबंधन में लड़ने वाली एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने माइक्रो-प्लानिंग पर जोर दिया है। शाखा प्रमुखों को हर घर में जाकर प्रचार करने के निर्देश दिए गए है। इसके लिए 'लक्ष्यवेध ऐप का उपयोग किया जा रहा है। साथ ही, मतदान के लिए नहीं आ सकने वाले बुजुर्ग मतदाताओं की पोस्टल वोटों को अपने पक्ष में करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे है।