बीएमसी (सोर्स: सोशल मीडिया)
BMC FD Withdrawal: एशिया की सबसे अमीर नगर निकाय, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने बुधवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपना वार्षिक बजट पेश कर दिया है। नगर आयुक्त और प्रशासक भूषण गगराणी द्वारा पेश किया गया यह बजट कुल 80,952.56 करोड़ रुपये का है। पिछले वर्ष 2025-26 के 74,427 करोड़ रुपये के बजट के मुकाबले इसमें लगभग 8.77 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।
इस साल के बजट की सबसे चौंकाने वाली बात बीएमसी की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को लेकर ली गई नीति है। बीएमसी के पास वर्तमान में लगभग 81,000 करोड़ रुपये की सावधि जमा (FD) है। बजट प्रस्तावों के अनुसार, मुंबई के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने और फंड की कमी को दूर करने के लिए निगम 36,000 करोड़ रुपये की FD तोड़ने जा रहा है। यह कदम शहर के कायाकल्प की दिशा में एक बड़ा जोखिम और निवेश दोनों माना जा रहा है।
बीएमसी के बजट में किसी नई बड़ी परियोजना की घोषणा के बजाय, चल रहे प्रोजेक्ट्स को पूरा करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
कोस्टल रोड और जीएमएलआर: मुंबई कोस्टल रोड के अगले चरणों और गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (GMLR) के लिए भारी आवंटन किया गया है।
शिक्षा और स्वास्थ्य: शिक्षा क्षेत्र के लिए 4,248 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं, जबकि स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 7,456 करोड़ रुपए का प्रावधान है।
प्रदूषण नियंत्रण: मुंबई की हवा सुधारने और ‘नेट जीरो’ लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए 159 करोड़ रुपये का विशेष फंड रखा गया है।
वेस्ट मैनेजमेंट: देवनार में वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट को जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
दिलचस्प बात यह है कि बीएमसी का अकेले का बजट भारत के कई छोटे और मध्यम राज्यों जैसे गोवा, सिक्किम, मिजोरम और हिमाचल प्रदेश के कुल बजट से भी अधिक है। चुनावी साल होने के कारण इस बजट में मुंबईकरों पर कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है, जो आम जनता के लिए राहत की बात है।
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वित्त जुटाने के लिए बीएमसी अब ‘म्युनिसिपल बॉन्ड्स’ जारी करने की प्रक्रिया में भी है। केंद्र सरकार से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का लाभ उठाने के लिए निगम बाजार से पैसा जुटाने की तैयारी कर रहा है।