गारगाई डैम (सौजन्य-सोशल मीडिया)
BMC Water Crisis: BMC के गारगाई डैम परियोजना का प्रस्ताव स्थायी समिति में मंजूर होने के बाद गुरुवार को इस प्रस्ताव की उपसूचना पर सदन में चर्चा आयोजित की गई। इस दौरान सदन में सत्ताधारी भाजपा सदस्य और विपक्ष के शिवसेना यूबीटी व कांग्रेस के नगरसेवक आमने-सामने नजर आए।
विपक्ष ने गारगाई परियोजना के प्रस्ताव पर फिर से विचार करने की मांग की, लेकिन सत्ताधारी पक्ष ने अपने संख्याबल के आधार पर इसे बहुमत से मंजूर कर दिया। इससे अब गारगाई बांध पानी परियोजना का रास्ता साफ हो गया है।
गारगाई बांध परियोजना पर चर्चा के लिए यूबीटी के नगरसेवक यशोधर फणसे ने कहा कि इस परियोजना से कुल 440 एमएलडी पानी मिलने की उम्मीद है, लेकिन अभी केंद्र सरकार के दो विभागों की मंजूरी बाकी है, जिसे ठेकेदार को लाना होगा। इस परियोजना को पूरा होने में कम से कम 6 साल लगेंगे।
400 एमएलडी पानी सीवेज ट्रीटमेंट से मिल सकता है, तो पहले उस प्रस्ताव को मंजूर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस परियोजना में कई खामियां हैं और करीब 3 लाख 10 हजार पेड़ों की कटाई होगी, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचेगा, इसलिए इस प्रस्ताव को फिलहाल दफ्तरी दाखिल करने की मांग की गई।
इस पर जवाब देते हुए सदन के नेता गणेश खणकर ने फणसे की उपसूचना का विरोध किया, उन्होंने कहा कि मुंबईकरों को रोजाना 4600 एमएलडी पानी की जरूरत है। उन्होंने कहा कि गारगाई परियोजना के लिए राज्य सरकार की अड़चने दूर हो चुकी है और केंद्र की मंजूरी भी जल्द मिल जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि इस परियोजना से मुंबई की पानी की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी, लेकिन यह एक महत्वपूर्ण कदम है। कांग्रेस नगरसेवक अशरफ आजमी ने कहा कि वर्ष 2023 में गारगाई डैम का प्रपोजल सामने रखा गया था और इसके लिए 3300 करोड़ का खर्च बताया गया था।
इस डैम को बनाने से पहले प्रशासन ने कुछ शर्तें रखी थी जिसमें से 6 गांव को दूसरी जगह बसाना था, लेकिन अब तक पुनर्वसन नहीं किया गया है। ठेकेदार ने किसी भी प्रकार का काम शुरू नहीं किया और उसके पहले ही 2 हजार करोड़ रुपये की मांग कर रहा है। प्रोजेक्ट कब शुरू होगा कब खत्म होगा इसकी जानकारी नहीं दी गई है।
बीजेपी नगरसेवक प्रभाकर शिंदे के हाथ में किसी ने भाषण पकड़ा दिया और बोलने के लिए कह दिया। इसके पीछे मास्टरमाईंड कौन है? दो वर्ष बाद फिर ठेकेदार आयेगा और कहेगा कि 2 हजार करोड़ और दो। आजमी के भाषण के दौरान बीजेपी नगरसेवक आक्रामक हो गए और सभा में हंगामा करने लगे। इसके जवाब में प्रवीण छेड़ा ने कहा कि गारगाई डैम का प्रस्ताव शिवसेना ने ही वर्ष 2013 में लाया था और स्टैंडिंग कमिटी में पास भी किया था।
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यूबीटी की नगरसेविका विशाखा राऊत ने भी परियोजना का विरोध करते हुए पेड़ों की कटाई और पुनर्वास के मुद्दे उठाए, विपक्ष की नेता किशोरी पेडणेकर ने भी कहा कि पहले समुद्री पानी को मीठा बनाने की परियोजनाओं पर ध्यान देना चाहिए।
इस बीच, विपक्ष ने मतदान (पोल) की मांग की, जिसे महापौर रितु तावड़े ने खारिज कर दिया। अंत में हाथ उठाकर मतदान कराया गया, जिसमें सत्ताधारी पक्ष के अधिक सदस्य होने के कारण प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।