मुंबई में बिना OC वाली 19,000 इमारतों को अभय योजना की मंजूरी, लाखों लोगों को मिलेगी बड़ी राहत
Mumbai BMC Abhay Yojana: मुंबई बीएमसी की स्थायी समिति ने बिना ओसी वाली इमारतों के लिए अभय योजना को दी मंजूरी। 1991 से 2016 के बीच बनी 19 हजार इमारतों के करीब 1 लाख परिवारों को मिलेगा लाभ।
- Written By: रूपम सिंह
इमारतों प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स-सोशल मीडिया)
Mumbai Abhay Yojana Occupancy Certificate Relief: मुंबई में बिना ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) वाली इमारतों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। बीएमसी की स्थायी समिति ने अभय योजना के तहत पात्र इमारतों को ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से वर्षों से लंबित इस समस्या के समाधान का रास्ता साफ हो गया है। अब इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए राज्य सरकार के नगर विकास विभाग के पास भेजा जाएगा।
राज्य सरकार की स्वीकृति मिलने के बाद योजना को लागू किया जाएगा। स्थायी समिति के अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे ने बताया कि मुंबई में कई ऐसी इमारतें हैं, जिनका निर्माण वर्षों पहले हुआ था, पर मामूली तकनीकी खामियों, आवश्यक दस्तावेजों की कमी तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं में देरी के कारण उन्हें अब तक ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट नहीं मिल सका।
इसके चलते इन इमारतों में रहने वाले लोगों को संपत्ति की खरीद-बिक्री, बैंक से ऋण प्राप्त करने, पुनर्विकास परियोजनाओं में शामिल होने और विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ लेने में लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने कहा कि अभय योजना के तहत पात्र इमारतों को निर्धारित शुल्क जमा करने और आवश्यक शर्तों को पूरा करने के बाद ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा।
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1991 से 2016 तक बनी इमारतों को मिलेगा ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट
इससे वर्षों से लंबित मामलों का निपटारा होगा और संबंधित संपत्तियों को कानूनी मान्यता मिलने से संपत्ति संबंधी लेन-देन अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनेंगे। साथ ही, जिन इमारतों का पुनर्विकास केवल ओसी के अभाव में रुका हुआ है, उन्हें भी गति मिलने की उम्मीद है। प्रभाकर शिंदे ने बताया कि मुंबई शहर में वर्तमान समय में 19 हजार से अधिक इमारतें ऐसी हैं, जिनके पास ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट नहीं है। इन इमारतों में रहने वाले करीब एक लाख परिवारों पर हर वर्ष बढ़े हुए संपत्ति कर और जल शुल्क का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।
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राहत मिलने की संभावना
इस योजना के लागू होने से इन परिवारों को अतिरिक्त कर भार से राहत मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में लिया गया है। राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी एवं सांस्कृतिक कार्य मंत्री तथा मुंबई उपनगर के पालक मंत्री आशीष शेलार, कौशल, रोजगार, एवं नवाचार मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा तथा विधायक अमित साटम ने भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।
