250 करोड़ की देनदारियों में घिरी संभाजीनगर मनपा, आयुक्त बोले- टैक्स वसूली बढ़ाना जरूरी
Sambhajinagar Municipal Corporation: संभाजीनगर मनपा पर करीब 250 करोड़ रुपये की देनदारियां लंबित हैं। अमोल येड़गे ने कहा कि संपत्ति कर व जलकर की वसूली बढ़ाए बिना वित्तीय स्थिति संभालना मुश्किल है।
- Written By: अंकिता पटेल
छत्रपति संभाजीनगर, मनपा, आर्थिक संकट, (फोटो: नवभारत डिजाइन फोटो)
Sambhajinagar Municipal Corporation Property Tax: संभाजीनगर आर्थिक संकट से जूझ रही मनपा पर विभिन्न मदों में करीब 250 करोड़ रुपये की देनदारियां लंबित हैं। वस्तु एवं सेवा कर अर्थात जीएसटी के जरिए हर माह 39 करोड़ रुपये की आय होने के बावजूद यह राशि आवश्यक सेवाओं, बिजली बिल व कर्मियों के वेतन पर खर्च होती है।
ऐसे में अन्य वित्तीय दायित्वों का भुगतान करना मुश्किल हो रहा है। इसके चलते संपत्ति कर व जल कर की वसूली बढ़ाना जरूरी होने की जानकारी मनपा आयुक्त अमोल येड़गे ने मंगलवार को दी।
मनपा पर वर्तमान में सेवानिवृत्त कर्मियों के लगभग 80 करोड़ रुपये, विभिन्न विकास कार्य करने वाले ठेकेदारों के करीब 130 करोड़ रुपये के बिल व अन्य देनदारियों संग कुल करीब 250 करोड़ रुपये का वित्तीय भार है। येड़गे ने कहा कि नियमित आय का बड़ा हिस्सा दैनिक प्रशासनिक खर्चों में चला जाता है, जिससे इन बकाया राशियों का समय पर भुगतान असंभव है।
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मनपा की जमीनें दी जाएंगी किराए पर
मनपा की आय बढ़ाने के लिए वैकल्पिक स्रोतों पर भी काम किया जा रहा है। शहर में सशुल्क पार्किंग व्यवस्था शुरू करने का प्रस्ताव विचाराधीन है। यही नहीं, होर्डिंग नीति में बदलाव कर राजस्व बढ़ाने की तैयारियां की जा रही हैं। मनपा की स्वामित्व वाली खाली जमीनों को किराये पर देकर अतिरिक्त आय अर्जित करने की योजना पर भी प्रशासन काम कर रहा है।
बड़े बकायेदारों की अलग सूची बनाएंगे
हर महीने संभाजीनगर मनपा के 10-12 कर्मचारी अन्य सेवानिवृत्त हो रहे हैं। अंशदान, ग्रैच्युटी, अवकाश नकदीकरण व सेवानिवृत्ति लाभों का समय पर भुगतान नहीं हो रहा है। कई कर्मियों की देनदारियां 3-4 वर्षों से लंबित हैं व यह राशि लगातार बढ़ती जा रही है।
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वहीं, संपत्ति कर व जल कर की बकाया राशि 300 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है, येड़गे का मानना है कि यदि यह राशि वसूल हो जाती है, तो आर्थिक संकट काफी हद तक कम हो सकेगा। इसके लिए बड़े बकायेदारों की अलग सूची तैयार कर विशेष वसूली अभियान चलाया जा रहा है।
