ठाकरे बंधुओं का नहीं होगा मिलन! बीजेपी लगाएगी रोक, बावनकुले ने चली नई चाल
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में ठाकरे बंधुओं की मिलन की चर्चा तेज है। मनसे और यूबीटी गठबंधन को रोकने के लिए अब बीजेपी भी रेस में उतर गई है। हालांकि, इस पर अभी तक राज का खेमा खामोश बैठा हुआ है।
- Written By: प्रिया जैस
ठाकरे बंधुओं के मिलन पर बावनकुले (सौजन्य-एएनआई)
मुंबई: बीजेपी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने रविवार को कहा कि मैं अगले सप्ताह राज ठाकरे के घर चाय पीने जाऊंगा। उनके इस बयान के बाद ऐसी अटकलें लगाई जाने लगी हैं कि मनसे और पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी पार्टी के संभावित गठबंधन को रोकने के लिए डीसीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ अब बीजेपी भी सक्रिय हो गई है।
बावनकुले ने कहा कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे दोनों की स्वतंत्र पार्टियां हैं। इसलिए उन्हें यह तय करना होगा कि एक साथ आने के संबंध में उनकी भूमिका और नीति क्या होगी। इस बारे में कई बातों की घोषणा अभी तक नहीं की गई हैं। इसलिए इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उनके एक साथ आने या न आने से महायुति पर कोई असर नहीं पड़ेगा। लेकिन उन्होंने इसके साथ-साथ यह भी कहा कि राज ठाकरे से मिलने कई नेता उनके घर जाते हैं। अगले सप्ताह मैं भी राज ठाकरे के यहां चाय पीने जाऊंगा। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वहां राजनीतिक चर्चा होगी।
राज का खेमा खामोश
मुंबई महानगर पालिका सहित राज्य की लगभग 28 मनपाओं एवं अन्य निकायों के चुनाव सितंबर-अक्टूबर महीने में होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। इसी पृष्ठभूमि में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की शिवसेना व राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के गठबंधन की अटकलें भी लगातार जारी हैं।
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इन अटकलों की शुरुआत करने वाले राज ठाकरे का खेमा वैसे तो रविवार को खामोश रहा लेकिन यूबीटी, बीजेपी और डीसीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना में मनसे-यूबीटी के गठबंधन को लेकर चिंता देखने को मिली। इस बारे में डीसीएम शिंदे की शिवसेना के नेता व मंत्री संजय शिरसाट ने रविवार को दावा किया कि राज-उद्धव फिर से साथ नहीं आएंगे। जबकि यूबीटी के नेताओं में गठबंधन की उम्मीद दिखाई दी।
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आदित्य ठाकरे ने किया स्वागत
इस पर शिवसेना यूबीटी विधायक आदित्य ठाकरे ने कहा “बात एक तरफ से नहीं हुई बल्कि दोनों तरफ से हुई है, लेकिन बातें सिर्फ प्रेस में हुई हैं। हमने यही कहा है कि बात अगर महाराष्ट्र के हित की है, समाज के हित की है और देश के हित की है तो फिर एंटी-महाराष्ट्र और भ्रष्टाचारी सरकार के खिलाफ साफ दिल से जो भी साथ आना चाहेगा, हम खुले दिल से उनका स्वागत करेंगे। बीजेपी एंटी महाराष्ट्र है।
