हर्षवर्धन सपकाल-संजय राउत-सुप्रिया सुले-रोहित पवार (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Bihar Electoral Controversy: बिहार के विधानसभा चुनाव परिणाम में विपक्ष को मिली करारी हार के बाद महाराष्ट्र की महाविकास आघाडी में खलबली मच गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि यह चुनाव बोट चोरी के मुद्दे को लेकर लड़ा गया था। बिहार के परिणाम उसी पैटर्न के अनुरूप आए हैं।
उन्होंने कहा कि इस चुनाव में भी सब पहले से फिक्स था। बड़े पैमाने पर वोटों को धांधली हुई है। यही वजह है कि विपक्ष को हार का सामना करना पड़ा है। हालांकि सपकाल ने कहा कि इन परिणाम से महाराष्ट्र के आगामी चुनाव पर कोई असर नहीं होगा।
राकां सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि हमें यह स्वीकार करना होगा कि बिहार में सत्ताधारी गठबंधन ने अच्छा काम किया है। बिहार की जनता ने नीतीश कुमार पर भरोसा जताया है। हमें आत्मचिंतन करना होगा कि हमने क्या गलतियां की। हालांकि मुझे इस तरह के एकतरफा नतीजे के उम्मीद नहीं थी। सुप्रिया ने यह भी कहा कि तेजस्वी यादव व राहुल गांधी ने बहुत मेहनत की। लेकिन कार्यकर्ताओं ने कितना काम किया, यह पता नहीं है।
उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी सांसद संजय राउत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव का परिणाम महाराष्ट्र पैटर्न की तरह आया है। जिस तरह महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में विपक्ष की हार हुई थी। पार्टी हाल बिहार में देखने को मिला है।
उन्होंने भाल्या और चुनाव आयोग पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि जो लोग सत्ता में आने के लिए निश्चित थे, वे 50 सीटों के भीतर ही सिमट गए राउत फिलहाल अपनी बीमारी का इलाज करा रहे हैं। इस वजह से से मीडिया से दूर हैं। लेकिन सोशल मीडिया के पोस्ट के जरिए उन्होंने बिहार चुनाव को भी फिक्स करार दिया है।
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उद्धव वाकरे गुट के सीनियर नेता अंबादास दानवे ने कहा कि कांग्रेस ने पर सहमति देने में देरी की। इसके अलावा सीटों के बंटवारे में भी काफी विलंब हुआ। इस वजह से बिहार विधानसभा चुनाव में विपक्ष की बड़ी हार का सामना करना पड़ा है, यूबीटी नेताओं का यह भी मानना है कि अगर महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में उद्धव ठाकरे को बतौर सीएम फेस प्रोजेक्ट किया जाता तो परिणाम कुछ और होते। हालांकि दानवे ने कहा कि हम चाहते हैं कि महाराष्ट्र के निकाय चुनाव में पूरी महाविकास आघाडी मिल कर चुनाव लड़ना चाहिए।
राकां विधायक रोहित पवार ने कहा कि महाराष्ट्र की तरह बिहार में भी मिलीभगत कर बीजेपी ने खेला किया है, उन्होंने कहा कि हरियाणा और महाराष्ट्र की तरह बिहार में भी बैलेट पेपर की गिनती में विपक्ष बेहतर चल रहा था लेकिन अगले डेढ़ घंटे में पूरी तस्वीर बदल गई और भाजपा आचर्यजनक रूप से आगे निकल गई। इन नतीजों ने एक बार फिर मतगणना में गड़बड़ी पर मुहर लगा दी है। इस तरह के नतीजे से लोकतंत्र और संविधान निश्चित रूप से खतरे में हैं।