कल्याण अस्पताल कांड: महिला डॉक्टर से मारपीट बर्दाश्त नहीं, शिंदे करेंगे कार्रवाई, भरतशेठ गोगावले का बड़ा बयान

KDMC Hospital Doctor Assault Ramesh Mhatre Gogawale: कल्याण के शास्त्री नगर अस्पताल में महिला डॉक्टर से मारपीट मामले पर भरतशेठ गोगावले और संजय गायकवाड़ के बयान से सियासी हलचल।
Bharatshet Gogawale OnKDMC Hospital Doctor Assault
पार्षद रमेश म्हात्रे मारपीट मामले में भरतशेठ गोगावले बोले- होगी कार्रवाई (फोटो क्रेडिट-X)
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Bharatshet Gogawale On KDMC Hospital Doctor Assault: कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) के शास्त्री नगर सरकारी अस्पताल में शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे द्वारा एक महिला डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के साथ की गई कथित मारपीट का मामला अब पूरी तरह से गर्मा चुका है। विपक्ष के चौतरफा हमलों के बीच अब इस मुद्दे पर खुद सत्ताधारी दल शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के भीतर से ही बड़े बयान सामने आने लगे हैं।

महाराष्ट्र सरकार के वरिष्ठ मंत्री भरतशेठ गोगावले ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि चिकित्सा कर्मियों के साथ इस तरह की हिंसक घटनाएं बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पूरे मामले का संज्ञान लेकर आरोपी के खिलाफ उचित व सख्त दंडात्मक कार्रवाई करेंगे।

टीवी फुटेज देखने के बाद बोले मंत्री भरतशेठ गोगावले

मंत्रालय में मीडिया से बात करते हुए मंत्री भरतशेठ गोगावले ने स्वीकार किया कि उन्होंने टेलीविजन और सोशल मीडिया पर शास्त्री नगर अस्पताल के एनआईसीयू (NICU) वॉर्ड का वह विचलित करने वाला वीडियो देखा है। गोगावले ने कहा, "किसी भी महिला डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी के साथ इस तरह का व्यवहार बेहद निंदनीय है और ऐसी घटनाएं समाज में नहीं होनी चाहिए।"

उन्होंने आगे बताया कि पार्टी संगठन और सरकार अपने स्तर पर इस बात की गहनता से जांच कर रहे हैं कि यह घटना किन परिस्थितियों में और क्यों हुई। जांच रिपोर्ट सामने आते ही एकनाथ शिंदे कानून के मुताबिक सख्त कदम उठाएंगे। वहीं, सरकार के एक अन्य मंत्री पंकज भोया ने भी स्पष्ट किया कि पुलिस को शिकायत मिल चुकी है और नियमों के तहत जनप्रतिनिधि की भूमिका की जांच की जा रही है।

विधायक संजय गायकवाड़ ने किया रमेश म्हात्रे का बचाव

एक तरफ जहां सरकार के मंत्री कार्रवाई का भरोसा दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ शिवसेना के कद्दावर विधायक संजय गायकवाड़ ने इस मामले में आरोपी पार्षद रमेश म्हात्रे का अप्रत्यक्ष रूप से बचाव कर नया विवाद खड़ा कर दिया है। गायकवाड़ ने दावा किया कि उन्होंने जो भी सीसीटीवी (CCTV) फुटेज देखा है, उसमें रमेश म्हात्रे को महिला डॉक्टर के साथ सीधे तौर पर बेरहमी से मारपीट करते हुए स्पष्ट रूप से नहीं देखा जा सकता।

विधायक के अनुसार, फुटेज में केवल दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और हाथापाई (scuffle) होती दिखाई दे रही है, जिसे पूरी तरह से एकतरफा हमला नहीं कहा जा सकता। उन्होंने कहा कि पूरी सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही साफ हो पाएगी।

कानून के दायरे में समाधान खोजने की सलाह

पार्षद का बचाव करने के साथ ही विधायक संजय गायकवाड़ ने सरकारी सिविल अस्पतालों की कार्यप्रणाली और डॉक्टरों के रवैये पर भी तीखे सवाल दागे। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से सरकारी अस्पतालों के कर्मचारियों को लेकर आम जनता से लापरवाही की शिकायतें मिलती रही हैं। कुछ कर्मचारियों को लगता है कि सरकारी वेतन तो तय समय पर मिल ही जाएगा, इसलिए वे गरीब मरीजों की गंभीर समस्याओं को नजरअंदाज करते हैं।

हालांकि, गायकवाड़ ने यह भी जोड़ा कि किसी भी परिस्थिति में कानून को हाथ में लेना या डॉक्टरों पर हाथ उठाना सही नहीं है। एनआईसीयू बेड खाली न होने पर गर्भवती महिला को दूसरे अस्पताल में रेफर करने के कारण लोगों का गुस्सा फूट सकता है, लेकिन हर विवाद का समाधान केवल कानून के दायरे में रहकर ही किया जाना चाहिए।

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