कल्याण: शिंदे गुट के पार्षद रमेश म्हात्रे पर महिला डॉक्टर और नर्सों से मारपीट का आरोप; CCTV फुटेज आया सामने

Kalyan Shastri Nagar Hospital Doctor Assault Ramesh Mhatre: कल्याण के शास्त्री नगर अस्पताल में महिला डॉक्टर और नर्सों की पिटाई के आरोप में शिंदे गुट के पार्षद रमेश म्हात्रे पर केस दर्ज।
Kalyan Shastri Nagar Hospital Doctor Assault Ramesh Mhatre
कल्याण के पार्षद रमेश म्हात्रे ने महिला डॉक्टर और नर्सों के साथ की मारपीट (फोटो क्रेडिट-X)
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Ramesh Mhatre Assault Doctor: महाराष्ट्र के कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका क्षेत्र से कानून-व्यवस्था को शर्मसार करने वाली एक बेहद गंभीर घटना सामने आई है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के स्थानीय पार्षद रमेश म्हात्रे और उनके कुछ राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर कल्याण के शास्त्री नगर सरकारी अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात एक महिला डॉक्टर, एक अन्य पुरुष डॉक्टर और तीन महिला नर्सों के साथ बेरहमी से मारपीट और बदसलूकी करने का संगीन आरोप लगा है।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस पूरी हिंसक घटना का एक सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी सामने आया है, जिसमें चिकित्सा कर्मचारियों के साथ की जा रही मारपीट साफ तौर पर दिखाई दे रही है। इस शर्मनाक वारदात के बाद विष्णु नगर पुलिस स्टेशन में पार्षद और उनके समर्थकों के खिलाफ मामला दर्ज करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

दूसरे अस्पताल रेफर करने पर भड़के लोग।

प्राप्त प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस पूरे विवाद की शुरुआत अस्पताल में भर्ती एक गर्भवती महिला के प्रसव से जुड़ी हुई है। शास्त्री नगर अस्पताल के डॉक्टरों ने महिला की चिकित्सकीय जांच के बाद उसके परिवार को सूचित किया था कि जन्म के तुरंत बाद नवजात शिशु को गंभीर स्थिति के कारण एनआईसीयू बेड की आवश्यकता पड़ सकती है।

चूंकि उस समय अस्पताल में सभी एनआईसीयू बेड पहले से ही फुल थे, इसलिए डॉक्टरों ने जच्चा-बच्चा की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें किसी अन्य सुसज्जित बड़े अस्पताल में स्थानांतरित होने की उचित सलाह दी थी। हालांकि, यह बात महिला के परिजनों को नागवार गुजरी और उन्होंने स्थानीय पार्षद को अस्पताल बुला लिया।

सुरक्षा गार्डों को बंधक बनाकर केबिन में घुसे हमलावर; रो पड़ीं महिला नर्सें।

चिकित्सा कर्मचारियों का आरोप है कि रेफर करने की बात सुनते ही पार्षद रमेश म्हात्रे अपने दर्जनों उग्र समर्थकों के साथ अस्पताल परिसर में दाखिल हुए। कार्यकर्ताओं ने सबसे पहले अस्पताल की सुरक्षा में तैनात गार्डों को एक जगह बंधक बना लिया ताकि वे डॉक्टरों को बचाने न आ सकें।

इसके बाद भीड़ सीधे वार्ड में घुस गई और वहां मौजूद दो डॉक्टरों और तीन महिला नर्सों पर अचानक हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले और बदसलूकी के बाद अस्पताल की कई महिला नर्सें डर के मारे रो पड़ीं। पीड़ित कर्मचारियों ने भावुक होते हुए सवाल उठाया कि क्या मरीजों की दिन-रात सेवा करने का इनाम उन्हें इस तरह के जानलेवा हमलों के रूप में भुगतना पड़ेगा?

डॉक्टरों और नर्सों ने किया पूरी तरह काम बंद

इस हिंसक वारदात के बाद शास्त्री नगर अस्पताल के सभी डॉक्टरों, नर्सों और अन्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के भीतर भारी डर और तीव्र आक्रोश का माहौल व्याप्त हो गया है। अपनी सुरक्षा की मांग को लेकर सभी कर्मचारियों ने मंगलवार (7 जुलाई 2026) से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह बंद कर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर दिया है।

कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक मुख्य आरोपी पार्षद और उनके गुंडों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी सादिया पिंजारी ने बताया कि पुलिस सख्त कानूनी कार्रवाई कर रही है और भविष्य में सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे।

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