Satara: पिता को बचाने दौड़े पत्नी और दो बच्चे, बिजली के टूटकर गिरे तार ने ली चार लोगों की जान

Satara Electrocution Tragedy Shinde Family: महाराष्ट्र के सतारा में बिजली का तार टूटने से करंट की चपेट में आकर एक ही परिवार के चार लोगों की दर्दनाक मौत।
Satara Electrocution Tragedy
सतारा में दर्दनाक हादसा: करंट की चपेट में आने से पति-पत्नी और दो बच्चों की मौके पर ही मौत, पूरा परिवार खत्म (फोटो क्रेडिट-X)
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Satara Electrocution Tragedy: महाराष्ट्र के सतारा जिले से एक रूह कंपा देने वाली और बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। यहां मानसून की बारिश के बीच करंट लगने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस भीषण हादसे में हंसता-खेलता पूरा परिवार एक झटके में खत्म हो गया है।

घटना सतारा के फलटन तालुका के खामगांव इलाके की है, जहां एक निजी इंग्लिश मीडियम स्कूल के पास यह हादसा हुआ। मृतकों की पहचान सतीश उर्फ पिसुरड्या किसान शिंदे (45), उनकी पत्नी गंगुबाई शिंदे (40), बेटा सचिन शिंदे (26) और बेटी आरती शिंदे (24) के रूप में हुई है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया है।

पिता को बचाने की कोशिश में मौत के आगोश में समाया पूरा परिवार

सतारा के पुलिस अधीक्षक (SP) निखिल पिंगले ने घटना की प्रारंभिक जानकारी साझा करते हुए बताया कि प्राथमिक जांच से पता चलता है कि एक मुख्य केबल टूटकर ऊपर से गुजर रही हाई-टेंशन बिजली की लाइन के संपर्क में आ गई थी, जिससे पूरे तार में भयंकर करंट दौड़ रहा था। घर के मुखिया सतीश शिंदे सबसे पहले अनजाने में इस चालू तार की चपेट में आ गए।

उन्हें तड़पता और बिजली का झटका खाते देख उनकी पत्नी गंगुबाई, बेटा सचिन और बेटी आरती बिना सोचे-समझे उन्हें बचाने के लिए दौड़े। लेकिन, जैसे ही उन्होंने सतीश को छुआ, वे भी उस शक्तिशाली करंट की चपेट में आ गए। चारों की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। सूचना मिलते ही फलटन ग्रामीण पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए उप-जिला अस्पताल भेजा।

लापरवाही किसकी? पुलिस ने दर्ज की आकस्मिक मौत की रिपोर्ट

फलटन पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, मामले में आकस्मिक मृत्यु (ADR) की रिपोर्ट दर्ज कर विस्तृत तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस और बिजली विभाग की टीमें इस बात का पता लगा रही हैं कि आखिर घर के ठीक बाहर तार टूटने का मुख्य कारण क्या था और क्या इसमें महावितरण या किसी स्थानीय एजेंसी की लापरवाही रही है।

इस बीच, मुंबई के नालासोपारा इलाके से भी ऐसी ही एक दुखद घटना सामने आई है, जहां अपने घर के भीतर बिजली का झटका लगने से 20 वर्षीय कॉलेज छात्र वेदांत सावंत की जान चली गई। इन नई घटनाओं के साथ ही मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में मानसून के दौरान बिजली के झटके से मरने वालों की संख्या केवल एक सप्ताह के भीतर बढ़कर छह हो गई है।

नागरिकों से अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील।

महाराष्ट्र में मानसून के दस्तक देते ही बिजली का झटका लगने और खुले तारों से होने वाले हादसों में लगातार वृद्धि हो रही है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) ने राज्य के नागरिकों के लिए एक आपातकालीन जन सुरक्षा एडवाइजरी (Advisory) जारी की है।

महावितरण ने लोगों से सख्त अपील की है कि वे बारिश के मौसम में बिजली के खंभों, डीपी और खुले पड़े तारों के आस-पास जाने से बचें। एडवाइजरी में साफ कहा गया है कि गीले हाथों से बिजली के उपकरणों को न छुएं, घर की दीवारों या बोर्ड में पानी घुसने पर मुख्य बिजली आपूर्ति (Main Switch) तुरंत बंद कर दें और बाजार से केवल आईएसआई (ISI) प्रमाणित बिजली उत्पादों का ही इस्तेमाल करें।

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