Bhandup Dreams Mall Redevelopment (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mumbai NCLT Order: आने वाले समय में ड्रीम्स मॉल का चेहरा पूरी तरह से बदल गया है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) के आदेश के बाद मॉल के प्रबंधन में बड़ा बदलाव हुआ है। वधावन परिवार से पुराना इतिहास हटा दिया गया है और अब बोर्ड के 8 सदस्यों की नई समिति की ओर से बोर्ड की दुकान चली गई है। नई समिति ने यह निर्णय लिया कि पूरे मॉल का पुनर्निर्माण किया जाएगा। इसके लिए जरूरी है कागजी प्रक्रिया जारी करना।
पिछले कुछ वर्षों से बंद पड़े ड्रीम्स मॉल में अब गुंडागर्दी, शराबियों और असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया है। मॉल परिसर में अवैध तंबाकू, धूम्रपान और सामाजिक आपराधिक मामले सामने आ रहे हैं। मॉल में कई बार आग लगने की घटनाएं भी हो चुकी हैं और परिसर से कई बार शव भी बरामद हो चुके हैं। स्थानीय नगरसेविका सच्ची दीपक दलवी ने भी इस समस्या के समाधान के लिए महानगरपालिका को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, मॉल के विकासकर्ता ने सोसायटी का गठन नहीं किया था और बोर्ड के माध्यम से ही किराए की वसूली की जा रही थी। वहीं, महानगरपालिका में संपत्ति कर, पानी और बिजली के बिल का भुगतान नहीं किया जा रहा है। इसी वजह से कोविड से पहले ही बिजली और पानी जैसी मशीनें काट दी गईं।
कोविड काल में मॉल पूरी तरह से बंद हो गया। इसी दौरान बिना सामान के मॉल में एक अस्पताल भी चल रहा था, जहां आग लगने की घटना में 11 लोगों की मौत हो गई थी। जांच में सामने आया कि मॉल के अंदर बिना ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट के अस्पताल का संचालन चल रहा था और पुराने का गंभीर उल्लंघन किया गया था। इसके बाद प्रशासन ने मॉल को बंद कर दिया था।
मॉल से जुड़े लोगों के नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) और कोर्ट के फैसले के बाद अब पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो रही है। पिछले कुछ समय से पुराने बोर्ड को बदल दिया गया है और दुकानदारों को इसमें शामिल कर 8 सदस्यों का नया बोर्ड बनाया गया है। नई समिति के माध्यम से मॉल की पूर्ण स्थापना की जाएगी। बिल्डिंग को उसी स्थान पर डिजाइन किया जाएगा जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ नया मॉल बनाया जाएगा और उसकी जांच के लिए नई समिति बनाई जाएगी।
ड्रीम्स मॉल पिछले करीब पांच साल से बंद है। मॉल के अंदर मौजूद मूर्तियाँ और हॉल निजी संपत्तियाँ हैं। कई तकनीकी उपकरण मॉल बंद कर दिए गए थे। दीपक दलवी, जिला अध्यक्ष (भाजपा) ने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए महानगरपालिका एवं पुलिस विभाग को पत्र भी लिखा है।
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बोर्ड डायरेक्टर और एसोसिएशन के अध्यक्ष गुरदास चोपडेकर ने बताया कि वाधवान फैमिली का बोर्ड बदलने के बाद नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) के आदेश जारी किए गए हैं। शॉप ऑनर्स की कुल 8 लोगों की नई कमेटी बनाई गई है। उन्होंने कहा कि पेपरी प्रक्रिया और कन्वेन्स पूरी तरह से होने के बाद पूरे मॉल का पुनर्निर्माण किया जाएगा और जल्द ही इस जगह पर एक नया और आधुनिक मॉल बनाया जाएगा।
(दयाशंकर पांडेय)