महिला सुरक्षा के लिए ‘बीग्सी’ निःशुल्क और अभिनव पहल, परिवहन आयुक्त ने किया शुभारंभ
Beegsy App: महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए मुंबई में ‘बीग्सी’ नामक निःशुल्क और अभिनव पहल शुरू की गई, जिससे टैक्सी और ऑटो में महिलाओं को त्वरित सुरक्षा सहायता मिलेगी।
- Written By: आंचल लोखंडे
Beegsy App (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mumbai Women Safety: महिला यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गृह विभाग और परिवहन विभाग के सहयोग से ‘बीग्सी’ (BYGSY) नामक एक अभिनव और निःशुल्क पहल की शुरुआत की गई है। यह योजना 23 जनवरी 2026 को वसंत पंचमी के शुभ अवसर पर आधिकारिक रूप से शुरू की गई। इस तकनीक को लागू करने वाला मुंबई देश का पहला शहर बन गया है, जबकि महाराष्ट्र यह पहल शुरू करने वाला पहला राज्य है।
परिवहन आयुक्त विवेक भिमनवार ने जानकारी देते हुए बताया कि सामाजिक जागरूकता से शुरू हुई यह परियोजना भविष्य में महिला सुरक्षा के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखेगी। इस अवसर पर सह परिवहन आयुक्त शैलेश कामत, यातायात उपायुक्त अजित बोगार्डे, मुख्य क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अनिल पाटील तथा ‘बीग्सी’ के संस्थापक प्रो. निरंजन भट्ट भी उपस्थित थे।
सुरक्षा को लेकर परिवारों की चिंता भी बढ़ी
महाराष्ट्र पुलिस, मोटर परिवहन विभाग, यातायात पुलिस और ईटीएस 360 टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन के सहयोग से मुंबई सहित पूरे राज्य में काली-पीली टैक्सी और ऑटो रिक्शा के लिए इस सेवा की शुरुआत की गई है। परिवहन आयुक्त भिमनवार ने कहा कि शहरीकरण के चलते महिलाओं की कामकाजी यात्राएं बढ़ी हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर परिवारों की चिंता भी बढ़ी है।
सम्बंधित ख़बरें
मुंबई में AI ने खोली नाला सफाई घोटाले की पोल, ठेकेदारों पर 9.25 करोड़ रुपये का जुर्माना
रामदास आठवले का शरद पवार को बड़ा ऑफर, बोले- कांग्रेस नहीं, RPI के साथ आइए
क्या ठाकरे गुट में होगी बड़ी टूट? 7 सांसदों के शिंदे गुट के संपर्क में होने की अटकलों से सियासत गरमाई
एकनाथ शिंदे की सुरक्षा को लेकर शिवसेना नेता का बड़ा दावा, महाराष्ट्र की राजनीति में मचा हड़कंप
‘बीग्सी’ सेवा पूरी तरह निःशुल्क
उन्होंने बताया कि दिल्ली के निर्भया कांड के बाद महिला सुरक्षा का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर गंभीरता से सामने आया, जिसके बाद सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार प्रत्येक यात्री वाहन में ‘व्हीकल लोकेशन एंड ट्रैकिंग डिवाइस’ (VLTD) और पैनिक बटन लगाना अनिवार्य किया गया। ‘बीग्सी’ सेवा पूरी तरह निःशुल्क है और इसके लिए राज्य सरकार, चालकों या नागरिकों पर कोई आर्थिक बोझ नहीं है। इस परियोजना का खर्च कॉर्पोरेट फंड, दान और प्रायोजन के माध्यम से वहन किया जा रहा है। परिवहन आयुक्त ने इस पहल के प्रति व्यापक जनजागरूकता फैलाने का आह्वान किया और विश्वास व्यक्त किया कि महिला सुरक्षा के क्षेत्र में यह योजना पूरे देश के लिए एक आदर्श मॉडल बनेगी।
परियोजना का विकास
इसी पृष्ठभूमि में ईटीएस 360 टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन के संस्थापक प्रो. निरंजन भट्ट और उनकी टीम ने सामाजिक जिम्मेदारी के तहत महिलाओं को बिना किसी आर्थिक बोझ के सुरक्षा प्रदान करने वाला यह समाधान विकसित किया। कोरोना काल की कठिनाइयों, प्रशासनिक नियमों की अस्पष्टता और तकनीकी चुनौतियों के बावजूद टीम ने हार नहीं मानी और परिवहन विभाग, पुलिस व्यवस्था तथा कमांड कंट्रोल सेंटर के साथ समन्वय स्थापित कर इस परियोजना को सफलतापूर्वक साकार किया।
ये भी पढ़े: महाराष्ट्र में महापौर और पार्षदों का कार्यकाल ढाई या 5 साल का ? जानिए क्या है मेयर चयन का फॉर्मूला
योजना की मुख्य विशेषताएं
यात्री सीट के सामने और चालक की पिछली ओर क्यूआर कोड युक्त चालक एवं वाहन पहचान पैनल लगाया गया है। ‘बीग्सी’ ऐप के माध्यम से क्यूआर कोड स्कैन करने पर गूगल मैप पर वाहन का पूरा मार्ग दिखाई देता है। ऐप में उपलब्ध एसओएस बटन को सक्रिय करने पर वाहन, चालक और यात्री की जानकारी सीधे पुलिस नियंत्रण कक्ष 112 तक पहुंच जाती है। इसके बाद निकटतम गश्ती पुलिस वाहन लगभग 5 से 6 मिनट में मौके पर पहुंचकर सहायता प्रदान करता है।
