बाबा सिद्दीकी (सोर्स: सोशल मीडिया)
MCOCA on Baba Siddique Murder Case: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दिग्गज नेता और पूर्व राज्य मंत्री बाबा सिद्दीकी की सनसनीखेज हत्या के मामले में आज कानून का शिकंजा और कस गया है। मुंबई की एक विशेष मकोका (MCOCA) कोर्ट ने इस मामले के सभी 27 गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय (Charge Frame) कर दिए हैं।
अदालत ने आरोपियों पर न केवल महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) के तहत आरोप लगाए हैं, बल्कि भारतीय न्याय संहिता (BNS), बॉम्बे पुलिस एक्ट और आर्म्स एक्ट की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत भी केस चलाने की अनुमति दी है। पुलिस की चार्जशीट के अनुसार, यह हत्या महज एक आपसी रंजिश नहीं, बल्कि एक संगठित अपराध का हिस्सा थी, जिसके तार कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े हुए हैं।
सुनवाई के दौरान जब जज ने आरोपियों से पूछा कि क्या वे अपना जुर्म स्वीकार करते हैं, तो सभी 27 आरोपियों ने एक सुर में खुद को बेकसूर बताया और मुकदमे (Trial) का सामना करने की बात कही। कानूनन, आरोपियों के इनकार के बाद अब अदालत गवाहों के बयान दर्ज करने और सबूतों की जांच करने की प्रक्रिया शुरू करेगी।
बता दें कि मुंबई में 12 अक्टूबर 2024 को दशहरे के दिन बाबा सिद्दीकी की उनके बेटे जीशान सिद्दीकी के कार्यालय के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। जांच में सामने आया कि शूटरों को विदेश में बैठे गैंगस्टर्स से निर्देश मिल रहे थे। आज की इस कानूनी प्रगति के बाद, अब अभियोजन पक्ष (Prosecution) को यह साबित करना होगा कि यह पूरी साजिश किस तरह रची गई और इसमें किसकी क्या भूमिका थी।
बाबा सिद्दीकी की पत्नी शहजीन सिद्दीकी ने अपने पति की हत्या की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की है। इसके लिए उन्होंने पिछले साल नवंबर में बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में शहजीन सिद्दीकी ने आरोप लगाया है कि मुंबई पुलिस अब तक इस मामले के वास्तविक दोषियों तक नहीं पहुंच पाई है। उन्होंने यह भी दावा किया है कि हत्या के पीछे एक बिल्डर/डेवलपर और राजनीतिक मिलीभगत शामिल हो सकती है।