मोनोरेल (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai Monorail Restar: मुंबईकरों के लिए अच्छी खबर है। यात्रियों की सेवा में एक बार फिर मोनो रेल दौड़ने के लिए तैयार हो रही है। एमएमआरडीए से मिली जानकारी के अनुसार नई सुविधाओं के साथ मोनो रेल को जल्द शुरू करने की तैयारी हो रही है। MMRDA अधिकारियों ने बताया कि मोनोरेल को फिर से शुरू करने के लिए ज़रूरी सेफ्टी इंस्पेक्शन, इंडिपेंडेंट सेफ्टी असेसमेंट चल रहा है।
मोनोरेल में बार-बार खराबी आने से इसके रूट पर नए सिस्टम की जरूरतों को देखते हुए 20 सितंबर से मोनोरेल को अनिश्चित काल के लिए बंद करने का निर्णय लिया गया था। इस दौरान पुराने सिस्टम को हटाकर नया सिस्टम लगाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। इसके साथ ही मोनोरेल फ्लीट में 10 नई ट्रेनें जोड़ी गई हैं और उनकी टेस्टिंग फाइनल स्टेज में है।
MMRDA ने पिछले हफ्ते ISA सेफ्टी इंस्पेक्शन शुरू किया जो कुछ और दिनों तक चलेगा। सभी सेफ्टी क्राइटेरिया पूरा होने पर मोनोरेल का CMRS इंस्पेक्शन भी किया जाएगा। इसके लिए एक रिटायर्ड ऑफिसर को इंडिपेंडेंट इंजीनियर के तौर पर अपॉइंट किया जाएगा और इस बारे में राज्य सरकार को प्रपोजल भेजा गया है। अप्रूवल मिलने के बाद इंस्पेक्शन प्रोसेस शुरू होगा।
संत गाडगे महाराज चौक से चेंबूर तक का मोनोरेल रूट 19.5 किमी लंबा है। देश व मुंबई में पहली मोनोरेल का परिचालन 2 फरवरी 2014 को शुरू हुआ था। इन वर्षों में मोनोरेल का संचालन घाटे में ही रहा है। निर्णय हुआ है कि मोनोरेल के ऑपरेशन और मेंटेनेंस के लिए एक कॉन्ट्रैक्टर अपॉइंट किया जाएगा। पता चला है कि पावर मेक प्रोजेक्ट्स कंपनी ने सबसे कम 296 करोड़ रुपये का टेंडर दिया है और इसी कंपनी को 5 साल के लिए मोनोरेल ऑपरेट करने का कॉन्ट्रैक्ट मिलने की संभावना है।
यह भी पढ़ें:- PM मोदी ने फोन कर जाना शरद पवार का हाल, बेटी सुप्रिया सुले ने दिया हेल्थ अपडेट
उल्लेखनीय है कि पिछले मानसून के दौरान मोनोरेल कई बार बीच रास्ते में रुक गई, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। 19 अगस्त को भक्ति पार्क और चेंबूर के बीच करीब 582 यात्री मोनोरेल में फंस गए थे, जिन्हें दमकल विभाग और क्रेन की मदद से बाहर निकालना पड़ा। इसके कुछ दिन बाद 15 सितंबर को वडाला के पास एक और मोनोरेल अचानक बंद हो गई, और उन्हें समानांतर रेक लाकर सुरक्षित उतारा गया। लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद मोनोरेल प्रशासन ने बड़े पैमाने पर सुधार और आधुनिकीकरण करने का निर्णय लिया।
कॉम्प्रिहेंसिव इंप्रूवमेंट प्रोग्राम ऑफ मोनोरेल के तहत तीन स्तरों पर काम हुआ है। पहला, मोनोरेल में आधुनिक कम्युनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल (CBTC) सिग्नलिंग सिस्टम, जो सुरक्षा को बढ़ाएगा और ट्रेनों की आवाजाही को और भी आसान बनाएगा। नए रैक तेज़ी से जोड़े गए हैं ताकि बेड़े को आधुनिक बनाया जा सके। पुराने रैक को भी अपग्रेड किया गया है ताकि उनकी कार्यक्षमता नए रैक के बराबर लाई जा सके।