Atal Setu Worli कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट को बड़ी राहत, वर्ली-शिवड़ी एलिवेटेड रोड की बाधाएं दूर
Atal Setu Worli News: मुंबई में अटल सेतु कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट के तहत वर्ली-शिवड़ी एलिवेटेड रोड निर्माण का रास्ता अब साफ हो गया है। लक्ष्मी निवास इमारत का ध्वस्तीकरण पूरा हो चुका है।
- Written By: अपूर्वा नायक
अटल सेतु कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट (सौ. सोशल मीडिया )
Atal Setu Worli Sewri Elevated Road Project: अटल सेतु कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट को बड़ी राहत मिली है। वर्ली-शिवड़ी एलिवेटेड रोड परियोजना के रास्ते में आ रहे सभी बड़े अड़ंगे अब हट चुके हैं।
25 दिनों की चुनौतीपूर्ण कार्रवाई के बाद लक्ष्मी निवास इमारत का ध्वस्तीकरण पूरा कर लिया गया है, जबकि अब हाजी नूरानी इमारत को गिराने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है।
पुनर्वास विवाद सुलझाने के लिए एमएमआरडीए ने 90 करोड़ रुपए खर्च कर प्रभावित रहवासियों के लिए वैकल्पिक घर उपलब्ध कराए। दोनों इमारतों के हटने के बाद प्रभादेवी डबल डेकर फ्लाईओवर और वर्ली-शिवड़ी एलिवेटेड रोड परियोजना का काम अब तेज रफ्तार से आगे बढ़ेगा। कुछ दिन पहले लक्ष्मी निवास इमारत को खाली कराकर उसका ध्वस्तीकरण पूरा किया गया था। अब हाजी नूरानी इमारत भी खाली करा ली गई है।
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डबल डेकर ब्रिज निर्माण कार्य में आएगी तेजी
अगले 15 दिनों में इस इमारत का ध्वस्तीकरण भी पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद प्रभादेवी डबल डेकर फ्लाईओवर के निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है। अटल सेतु से जुड़ने वाली वर्ली-शिवड़ी एलिवेटेड रोड परियोजना के पूरा होने में काफी देरी हुई है, लेकिन अब एमएमआरडीए ने सितंबर 2026 तक इस परियोजना को पूरा कर यातायात के लिए शुरू करने की योजना बनाई है। इस परियोजना के तहत प्रभादेवी डबल डेकर फ्लाईओवर के निर्माण के लिए यहां स्थित लक्ष्मी निवास और हाजी नूरानी चॉल को हटाना जरूरी था।
इमारतों का ध्वस्तीकरण था चुनौतीपूर्ण
आखिरकार एमएमआरडीए ने इन रहवासियों के पुनर्वास के लिए 90 करोड़ रुपए खर्च कर म्हाडा से 80 से अधिक घर खरीदे। ये घर परियोजना प्रभावितों को आवंटित किए गए। इसके बावजूद कई रहवासी मकान खाली करने को तैयार नहीं थे।
एमएमआरडीए ने लगातार प्रयास करते हुए कुछ दिन पहले लक्ष्मी निवास इमारत खाली कराई। करीब 100 साल पुरानी इस इमारत का ध्वस्तीकरण करना काफी चुनौतीपूर्ण था। प्रदूषण और अन्य नियमों का पालन करते हुए इमारत को गिराने में एमएमआरडीए को 25 दिन लगे। अधिकारियों के अनुसार इमारत मिट्टी की बनी होने के कारण धूल न उड़े, इसके लिए लगातार पानी का छिड़काव करते हुए ध्वस्तीकरण करना पड़ा। अब इसी तरह हाजी नूरानी इमारत को भी तोड़ा जाएगा।
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दो दिनों में खाली कराई गई हाजी नूरानी इमारत
- अधिकारियों ने बताया कि लक्ष्मी निवास खाली होने के बाद भी हाजी नूरानी इमारत खाली नहीं हो रही थी।
- पिछले 15 दिनों से इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे।
- रहवासियों की कुछ मांगें थी। आखिरकार उन मुद्दों का समाधान निकालते हुए मंगलवार और बुधवार, दो दिनों में हाजी नूरानी इमारत को खाली करा लिया गया।
- अब अगले 15 दिनों में हाजी नूरानी इमारत का ध्वस्तीकरण पूरा किया जाएगा,
