अटल सेतु (PIC Credit: Social Media)
Atal Setu Alibaug Connection Coastal Corridor: देश के सबसे लंबे समुद्री पुल अटल सेतु ने एक और बड़ा माइलस्टोन पार कर लिया है। अब इसे अलीबाग से जोड़ने की तैयारी चल रही है। परियोजना पूरी होने पर मुंबई और अलीबाग की दूरी महज डेढ़ घंटे में सिमट कर रह जाएगी।
इस पुल से अब तक 2 करोड़ से अधिक वाहनों का आवागमन हो चुका है। पिछले शनिवार को 2,00,00,316वां वाहन इस पुल से गुजरा, जो एमएमआर क्षेत्र की कनेक्टिविटी के लिहाज से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
राज्य सरकार ने अटल सेतु को सीधे अलीबाग से जोड़ने का प्रस्ताव रखा है। सिडको ने इस पर काम शुरू कर दिया है। नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, जेएनपीए और कोंकण इलाके के साथ एक आसान रोड कनेक्टिविटी बनाने की कोशिश है।
उल्वे इलाके में लगभग 7 किमी लंबी छह लेन की कोस्टल रोड बनाई जा रही है। इस रूट के अगले चरण में द्रोणागिरी के रास्ते रेवास-करंजा ब्रिज से जोडने का प्रस्ताव है। इससे अटल सेतु से आगे एक सीधा कोस्टल कॉरिडोर बन जाएगा मैग्रोव जंगल को बचाने के लिए कुछ इलाकों में एलिवेटेड रोड बनाने का प्लान है। इस प्रोजेक्ट की लागत लगभग 1,600 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसे बढ़ाने में लगभग 2,500 से 4,000 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है।
13 जनवरी 2024 को शुरू हुए अटल सेतु पर चलने वाले कुल वाहनों में सबसे अधिक हिस्सेदारी निजी कारों की रही है। अब तक लगभग 1।81 करोड़ निजी कारें इस पुल से गुजरी हैं, जो कुल ट्रैफिक का 91 प्रतिशत से अधिक है। इसके अलावा करीब 5।98 लाख हल्के व्यावसायिक वाहन, मिनीबस और बसों ने पुल का उपयोग किया, जबकि 12।06 लाख मध्यम और भारी वाहनों ने भी इस मार्ग से आवागमन किया।
अगर रेवास-करंजा पुल से कनेक्शन हो जाता है, तो नवी मुंबई सीधे अलीबाग और आगे कोंकण इलाके से सड़क से जुड़ जाएगा।
फेरी बोट पर निर्भरता कम होगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
अटल सेतु दक्षिण मुंबई के शिवड़ी को नवी मुंबई के चिरले से जोड़ता है। पहले इस दूरी को तय करने में करीब एक घंटा लगता था, लेकिन पुल इससे शुरू होने के बाद यात्रा का समय घटकर 20 मिनट से भी कम रह गया है। रोजाना आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिली है।
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इस पुल के शुरू होने से न केवल यात्रा समय कम हुआ है, बल्कि ईंधन की बचत, लॉजिस्टिक्स लागत में कमी और नवी मुंबई क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिला है। विशेषज्ञों के अनुसार अटल सेतु केवल एक पुल नहीं, बल्कि मुंबई महानगर क्षेत्र के विकास की नई धुरी बन चुका है।