मुंबई में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा, 53 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी सरकार
Mumbai MMR connectivity will increase: मुंबई उपनगरों में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए रेल मंत्रालय ने लगभग 53 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का निर्णय लिया है।
- Written By: प्रिया जैस
अश्विनी वैष्णव (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Mumbai News: मुंबई एमएमआर में बढ़ती आबादी के चलते लोकल ट्रेनों पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। मुंबई उपनगरों में रेल इंफ्रा के विस्तार के लिए रेल मंत्रालय ने लगभग 53 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का निर्णय लिया है। मुंबई के सेंट्रल व वेस्टर्न लाईन पर एमआरवीसी के माध्यम से एमयूटीपी-II, III और IIIA के तहत रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने 53,724 करोड़ रुपए स्वीकृत किए जाने की जानकारी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी। शुक्रवार को संसद में उठे सवालों का जवाब देते हुए रेल मंत्री ने मुंबई में चल रही रेल इंफ्रा परियोजनाओं की जानकारी दी।
मुंबई उपनगरीय क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी में सुधार और यात्रियों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए, 8,087 करोड़ रुपये की मुंबई शहरी परिवहन परियोजना (एमयूटीपी)-II, 10,947 करोड़ रुपये की एमयूटीपी-III और 33,690 करोड़ रुपये की एमयूटीपी-IIIA को मंज़ूरी मिली है।
ये हैं रेल परियोजनाएं
- मुंबई सेंट्रल-बोरीवली छठी लाइन (30 किमी) खर्च 919 करोड़
- गोरेगांव-बोरीवली हार्बर रोड एक्सटेंशन (7 किमी), खर्च 826 करोड़
- विरार-दहानू रोड तीसरी और चौथी लेन (64 किमी) खर्च 3,587 करोड़
- सीएसटीएम-कुर्ला पांचवीं और छठी लेन (17.5 किमी),खर्च 891 करोड़
- पनवेल-कर्जत उपनगरीय कॉरिडोर (29.6 किमी) खर्च 2,782 करोड़
- ऐरोली-कलवा (उन्नत) एलिवेटेड लिंक (3.3 किमी) खर्च 476 करोड़
- बोरीवली-विरार पांचवीं और छठी लेन (26 किमी) खर्च 2,184 करोड़
- कल्याण-आसनगांव चौथी लेन (32 किमी) खर्च 1,759
- कल्याण-बदलापुर तीसरी और चौथी लेन (14.05 किमी) खर्च 1,510 करोड़
- कल्याण यार्ड-मुख्य लाइन और उपनगरीय लाइन अलगाव के लिए खर्च 8,66 करोड़
- नायगांव से जुचंद्रा (दोहरी लेन) वसई बाईपास लाइन (5.73 किमी) खर्च 176 करोड़
- टिकट रहित यातायात नियंत्रण (34 स्थान) खर्च 551करोड़
एमयूटीपी-III में एसी लोकल
एमयूटीपी-III में एसी लोकल रेक के साथ पनवेल-कर्जत, विरार-दहानू चार-लेनिंग, ऐरोली-कलवा एलिवेटेड कॉरिडोर, टिकट रहित यातायात नियंत्रण और रोलिंग स्टॉक की खरीद शामिल है। इसके साथ विरार-दहानू रोड, पनवेल-कर्जत, ऐरोली-कलवा, बोरीवली-विरार पांचवीं और छठी लेन, कल्याण-बदलापुर तीसरी और चौथी लेन, और रोलिंग स्टॉक की खरीद व क्रियान्वयन के लिए मुंबई रेलवे विकास महामंडल लिमिटेड (MRVC) को जिम्मेदारी दी गई है।
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एमआरवीसी रेल मंत्रालय और महाराष्ट्र सरकार द्वारा 50:50 लागत साझेदारी के आधार पर मुंबई में रेल परिवहन परियोजना पर कार्य कर रहा है। हालांकि कुछ परियोजना की शुरुआत अभी नहीं हुई है। चर्चगेट-विरार मार्ग पर मल्टी-ट्रैकिंग कार्य स्वीकृत हो चुका है और शुरू हो चुका है, जो चर्चगेट और मुंबई सेंट्रल के बीच 4 लेन, मुंबई सेंट्रल और बोरीवली के बीच 8 लेन और बोरीवली और विरार के बीच 6 लेन प्रदान करेगा।
इसी प्रकार, सीएसएमटी-पनवेल मार्ग पर सीएसएमटी-कुर्ला के बीच पांचवीं और छठी लेन के कार्य को मंजूरी मिल चुकी है और कुर्ला-परेल खंड पर काम शुरू हो चुका है। इसके अलावा, सीएसएमटी-कुर्ला-वसई-पनवेल मार्ग पर दो अतिरिक्त लेन हैं।
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238 एसी कोच मिलेंगे
उपनगरीय रेलवे की क्षमता बढ़ाने के लिए, एमयूटीपी-III और IIIA के अंतर्गत 19,293 करोड़ की लागत से 12-12 कोचों वाले कुल 238 रैक स्वीकृत किए गए हैं।
132 अमृत भारत स्टेशन
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार मुंबई के अतिरिक्त महाराष्ट्र राज्य में 89,780 करोड़ रुपये की लागत वाली कुल 5,098 किलोमीटर लंबाई वाली 38 रेलवे परियोजनाएं पूर्णतः व आंशिक रूप से नियोजित हैं और कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं, जिनमें से 2,360 किलोमीटर लंबी परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं और मार्च 2025 तक 39,407 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसके साथ महाराष्ट्र में 132 रेलवे स्टेशनों का विकास अमृत भारत योजना के तहत किया जा रहा है।
रिपोर्ट – सूर्यप्रकाश मिश्र
