अशोक खरात केस में नया मोड़, डिजिटल साक्ष्यों और पेन ड्राइव से बड़े खुलासे के संकेत
Ashok Kharat Controversy Maharashtra: नाशिक सेक्स स्कैंडल मामले में रूपाली चाकणकर को एसआईटी ने पूछताछ के लिए बुलाया है। अशोक खरात के पेन ड्राइव से बड़े खुलासों की आशंका जताई जा रही है।
- Written By: अपूर्वा नायक
Rupali Chakankar summons (सोर्सः सोशल मीडिया)
Rupali Chakankar Summons Case Update: नाशिक सेक्स स्कैंडल के आरोपी तांत्रिक अशोक खरात से कनेक्शन जुड़ने के बाद राकां (अजीत गुट) की नेता रूपाली चाकणकर की मुश्किलें थमतीं दिखाई नहीं दे रही हैं।
राज्य महिला आयोग अध्यक्ष और राकां महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष पद गंवाने के बाद अब चाकणकर को एसआईटी ने पूछताछ के लिए तलब कर लिया है।
बताया जा रहा है कि चाकणकर नाशिक की शिवनिका संस्था की ट्रस्टी सदस्य हैं और संस्था का मुखिया खरात है। उधर, खरात की रिमांड अवधि खत्म होने पर एसआईटी ने रविवार को उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 1 अप्रैल तक की रिमांड पर पुनः सौंप दिया गया।
सम्बंधित ख़बरें
प्रजा फाउंडेशन की रिपोर्ट से बीएमसी बेनकाब, मुंबई में प्रदूषण की शिकायतें 531% बढ़ीं, स्वच्छता में नहीं मिली
महाराष्ट्र सरकार ने 28 मनपाओं को 2,792.84 करोड़ का GST अनुदान दिया, मुंबई को मिला सबसे बड़ा हिस्सा
मुंबई: बीएमसी का बड़ा कदम, नए सत्र से शुरू होंगे 5 नए सीबीएसई स्कूल, 1 जुलाई से ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू
शिवसेना UBT को झटके पर झटका, सचिन अहीर के बाद एक और बड़े नेता ने दिखाया बगावती तेवर
लेन-देन रडार पर
- शिवनिका संस्था का अध्यक्ष पद अशोक खरात के पास था। कुछ वर्ष पहले पुराने ट्रस्टियों के अलग होने के बाद खरात ने अपनी पत्नी और करीबियों को ट्रस्टी बनाया था।
- रूपाली चाकणकर भी इस ट्रस्ट की सदस्य थीं। चाकणकर ने स्वयं खुलासा किया था कि ट्रस्ट मंडल की अवधि अगस्त 2025 में ही समाप्त हो चुकी थी।
- खरात की गिरफ्तारी के बाद संस्था का नामपट्ट भी गायब हो गया है। एसआईटी मुंबई या नाशिक में संस्था के पदाधिकारियों से पूछताछ करेगी।
डिजिटल साक्ष्यों में छिपा है राज
पुलिस की फॉरेंसिक टीम वर्तमान में खरात के मोबाइल डेटा को रिकवर करने में जुटी है। जांच अधिकारियों ने मोबाइल डेटा की एक क्लोन कॉपी तैयार की है। सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि मोबाइल में मिले संदिग्ध नंबरों और डमी नामों के पीछे किसी बड़े राजनीतिक संरक्षण की आशंका है। इन ‘कोड’ नामों के पीछे असली चेहरे कौन है, इसका पता लगाने के लिए पुलिस को अतिरिक्त समय की आवश्यकता थी, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया।
बेहिसाब संपत्ति पर नजर
पुलिस अब खरात के आर्थिक साम्राज्य को भी खंगाल रही है। ढोंगीगिरी के माध्यम से उसने कहा-कहां और किसके नाम पर बेनामी संपत्ति जमा की है, इसकी जांच की जा रही है। साथ ही, पुलिस उन लोगों की भी पहचान कर रही है, जिन्होंने इन गंभीर अपराधों को अंजाम देने में खरात की मदद की थी।
पेन ड्राइव हिला देगी सरकार
इस मामले में कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने दावा किया कि अगर एसआईटी द्वारा जब्त पेन ड्राइव की जानकारी सार्वजनिक हुई तो पूरी सरकार हिल जाएगी। उन्होंने कहा कि दीपक केसरकर कहते हैं कि 39 विधायक खरात से मिलने गए थे, तो फिर उन्होंने यह सूची क्यों सार्वजनिक नहीं की?
ये भी पढ़ें :- अब बांद्रा टर्मिनस से चलेगी कर्णावती एक्सप्रेस, 20 कोच के साथ चलेगी वंदे भारत
वडेट्टीवार ने दावा किया कि अमावस्या की रात कई बड़े नेता खरात के घर जाते थे। अपनी गलतियों को छिपाने के लिए ये नेता वहां मौजूद रहते थे। खरात का साथ देने और उस पर विश्वास रखने वाले कई उच्च पदस्थ लोग हैं। इन सभी की गहन जांच होनी चाहिए। केवल एसआईटी जांच से साफ नहीं होगा। मामले की जांच सेवानिवृत्त न्यायाधीश की देखरेख में होनी चाहिए, उन्होंने जादू-टोना प्रतिबंधक कानून के तहत खरात पर अपराध दर्ज करने की भी मांग की।
