राकांपा महिला प्रदेशाध्यक्ष की दौड़ में 5 नाम, सुनेत्रा पवार के सामने बड़ी चुनौती

Maharashtra Politics: राकां (अजीत पवार गुट) में महिला प्रदेशाध्यक्ष पद को लेकर सना मलिक, सरोज अहिरे, वैशाली नागवडे, राजलक्ष्मी भोसले और प्रतिभा शिंदे के नाम चर्चा में हैं।
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Sunetra Pawar Decision (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Mumbai News: ढोंगी तांत्रिक अशोक खरात प्रकरण में रूपाली चाकणकर के राकां (अजीत पवार) के महिला प्रदेशाध्यक्ष पद से इस्तीफे के बाद पार्टी में नए महिला प्रदेशाध्यक्ष को लेकर जबरदस्त होड़ शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी में सना मलिक, सरोज अहिरे, वैशाली नागवडे, राजलक्ष्मी भोसले और प्रतिभा शिंदे का नाम महिला प्रदेश अध्यक्ष पद की रेस में चल रहा है। इनमें से किसी एक को प्रदेशाध्यक्ष बनाने की कड़ी चुनौती उप मुख्यमंत्री और पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार के समक्ष खड़ी है।

अशोक खरात विवाद के बाद बढ़े दबाव के कारण रुपाली चाकणकर ने पहले राज्य महिला आयोग और फिर पार्टी के महिला प्रदेशाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद से ही इस अहम पद के लिए नए नेतृत्व की तलाश तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों और विपक्ष के तीखे हमलों के बाद चाकणकर पर नैतिक दबाव बढ़ा। लेकिन उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस पूरे मामले की जांच एसआईटी के माध्यम से जारी है।

ऐसी है महिला अध्यक्ष पद की संभावित दावेदारों की पृष्ठभूमि

  • सना मलिक: विधायक और पूर्व मंत्री नवाब मलिक की बेटी सना मलिक को मजबूत दावेदार माना जा रहा है। अल्पसंख्यक समुदाय का प्रतिनिधित्व
  • उनके पक्ष में जा सकता है।
  • सरोज अहिरे: देवलाली की विधायक सरोज अहिरे का उत्तर महाराष्ट्र में प्रभाव है, लेकिन संगठनात्मक अनुभव को लेकर कुछ सवाल उठते रहे हैं।
  • वैशाली नागवडे: अनुभवी और अध्ययनशील नेता के रूप में पहचान रखने वाली नागवडे के पास संगठन का अनुभव है, हालांकि हाल में उनकी सक्रियता कम रही है।
  • राजलक्ष्मी भोसले:पुणे की पूर्व महापौर और वर्तमान प्रदेश उपाध्यक्ष राजलक्ष्मी भोसले को मजबूत संगठन क्षमता और जमीनी पकड़ के लिए जाना जाता है।
  • प्रतिभा शिंदे:जलगांव की प्रतिभा शिंदे का नाम भी संभावित दावेदारों में तेजी से उभरकर सामने आया है। हाल ही में कांग्रेस से राकां में शामिल हुईं शिंदे वर्तमान में प्रदेश प्रवक्ता हैं। ‘लोकसंघर्ष मोर्चा’ के जरिए उन्होंने आदिवासी अधिकारों के लिए लंबा संघर्ष किया है और उन्हें जुझारू नेता माना जाता है।

रणनीतिक फैसले पर टिकी नजरें

आगामी चुनावों को देखते हुए महिला प्रदेशाध्यक्ष का चयन पार्टी के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। यह केवल संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि भविष्य की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा भी है। ऐसे में अब यह देखना होगा कि सुनेत्रा पवार इन पांच नामों में से किसे चुनकर पार्टी की कमान सौंपती हैं।

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