अशोक खरात (सोर्स: सोशल मीडिया)
ED And Income Tax Action On Ashok Kharat: स्वयंभू आध्यात्मिक गुरु अशोक खरात वर्तमान में ईडी और आयकर विभाग (आईटी) की कड़ी निगरानी में हैं। नासिक से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल मामले ने पूरे महाराष्ट्र में हड़कंप मचा दिया है।
खरात पर यौन शोषण के गंभीर आरोपों के साथ-साथ काले जादू, जबरन वसूली और अघोरी प्रथाओं के माध्यम से लोगों को ठगने के संगीन मामले भी दर्ज हैं। विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच में खरात की अकूत संपत्ति के जो आंकड़े सामने आए हैं उनसे जांच एजेंसियां भी हैरान हैं। आयकर विभाग की जांच में खरात के आर्थिक साम्राज्य का कच्चा चिट्ठा खुलता जा रहा है।
इसमें लगभग 200 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति का अनुमान लगाया गया है। नासिक, मुंबई और पनवेल जैसे प्रमुख शहरों में उनके निवेश का संदेह है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 60 से अधिक जमीन के दस्तावेज (सातबारा), भारी मात्रा में नकदी, पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कहा कि स्वयंभू बाबा अशोक खरात मामले की पीड़िताओं के अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
खरात मामले में कई और पीड़िता सामने आ रही हैं तथा कुछ और प्राथमिकी दर्ज की जायेंगी। फडणवीस ने बताया कि पीड़िताओं की पहचान गोपनीय रखी जा रही है तथा उन्हें पूरी सुरक्षा प्रदान की गई है। खरात को एक महिला से पिछले 3 वर्षों से बार-बार दुष्कर्म करने के आरोप में 18 मार्च को गिरफ्तार किया गया था।
कथित स्वयंभू बाबा अशोक खरात मामले में ठगी का नया तरीका सामने आया है। पुलिस को शक है कि खरात अपने पास आने वाले लोगों की पहले से ही पूरी जानकारी जुटा लेता था। वह एक अलग नेटवर्क के जरिए यह पता करता था कि व्यक्ति के रिश्तेदार कौन है, करीबी दोस्त कौन हैं, दुश्मन कौन हैं और उसके जीवन में क्या उत्तार-चढ़ाव चल रहे हैं। जांच में सामने आया है कि खरात ‘कोल्ड रीडिंग’ और ‘हॉट रीडिंग’ जैसी मनोवैज्ञानिक तकनीकों का इस्तेमाल करता था।
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