नासिक के कथित बाबा अशोक खरात पर शिकंजा, ईडी-आईटी जांच में बड़ा आर्थिक साम्राज्य उजागर
Nashik Baba Fraud Case: नासिक के कथित आध्यात्मिक गुरु अशोक खरात पर यौन शोषण, ठगी और काले जादू के गंभीर आरोप लगे हैं। जांच में 200 करोड़ की संपत्ति और कई आपराधिक गतिविधियों का खुलासा हुआ है।
- Written By: अपूर्वा नायक
Ashok Kharat Fraud Case Update (डिजाइन फोटो)
ED And Income Tax Action On Ashok Kharat: स्वयंभू आध्यात्मिक गुरु अशोक खरात वर्तमान में ईडी और आयकर विभाग (आईटी) की कड़ी निगरानी में हैं। नासिक से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल मामले ने पूरे महाराष्ट्र में हड़कंप मचा दिया है।
खरात पर यौन शोषण के गंभीर आरोपों के साथ-साथ काले जादू, जबरन वसूली और अघोरी प्रथाओं के माध्यम से लोगों को ठगने के संगीन मामले भी दर्ज हैं। विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच में खरात की अकूत संपत्ति के जो आंकड़े सामने आए हैं उनसे जांच एजेंसियां भी हैरान हैं। आयकर विभाग की जांच में खरात के आर्थिक साम्राज्य का कच्चा चिट्ठा खुलता जा रहा है।
इसमें लगभग 200 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति का अनुमान लगाया गया है। नासिक, मुंबई और पनवेल जैसे प्रमुख शहरों में उनके निवेश का संदेह है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 60 से अधिक जमीन के दस्तावेज (सातबारा), भारी मात्रा में नकदी, पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
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पीड़िताओं के वीडियो प्रसारित करने वालों पर कार्रवाई : CM
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कहा कि स्वयंभू बाबा अशोक खरात मामले की पीड़िताओं के अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
खरात मामले में कई और पीड़िता सामने आ रही हैं तथा कुछ और प्राथमिकी दर्ज की जायेंगी। फडणवीस ने बताया कि पीड़िताओं की पहचान गोपनीय रखी जा रही है तथा उन्हें पूरी सुरक्षा प्रदान की गई है। खरात को एक महिला से पिछले 3 वर्षों से बार-बार दुष्कर्म करने के आरोप में 18 मार्च को गिरफ्तार किया गया था।
तांत्रिक का पिस्टल लाइसेंस किया रद्द
- खरात कुछ संपतियों का मालिक है और कुछ में अपने परिवार के साथ साझेदारी में जमीने है। दुर्लभ दिखने वाले नकली हीरे, रत्न बेचकर अर्जित धन भी अब जांच के दायरे में है। इतना बड़ा आर्थिक आंकड़ा होने के कारण आयकर विभाग के साथ-साथ पुलिस ईडी को दस्तावेज सौप रही है।
- पुणे के निर्माण व्यवसायी राजेंद्र जासूद ने भी 25 मार्च को नासिक पुलिस को शिकायत दर्ज कराई। इसमें कहा गया कि उनके पैसे का इस्तेमाल खरात ने 21 देशों में विदेश यात्रा पर किया जिससे फॉरेक्स विभाग भी जांच में शामिल होगा।
कोल्ड रीडिंग-हॉट रीडिंग से शिकार
कथित स्वयंभू बाबा अशोक खरात मामले में ठगी का नया तरीका सामने आया है। पुलिस को शक है कि खरात अपने पास आने वाले लोगों की पहले से ही पूरी जानकारी जुटा लेता था। वह एक अलग नेटवर्क के जरिए यह पता करता था कि व्यक्ति के रिश्तेदार कौन है, करीबी दोस्त कौन हैं, दुश्मन कौन हैं और उसके जीवन में क्या उत्तार-चढ़ाव चल रहे हैं। जांच में सामने आया है कि खरात ‘कोल्ड रीडिंग’ और ‘हॉट रीडिंग’ जैसी मनोवैज्ञानिक तकनीकों का इस्तेमाल करता था।
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पैरालिसिस के बाद भी महिलाओं का करता रहा शोषण
- खरात ने अपनी शारीरिक क्षमता बढ़ाने के लिए बड़ी मात्रा में ‘शक्तिवर्धक’ (उत्तेजक) दवाओं का सेवन किया था। इन दवाओं के दुष्प्रभाव के चलते करीब एक साल पहले उसे गंभीर लकवे (पैरालिसिस) का अटैक आया था।
- शहर के एक निजी अस्पताल में उसका इलाज हुआ जहां एक डॉक्टर ने उसकी जान बचाई। हालांकि इस बीमारी के कारण उसका एक हाथ बेकार हो गया और चेहरे पर भी स्थायी असर पड़ा लेकिन इसके बावजूद महिलाओं के शोषण की उसकी गतिविधियां बंद नहीं हुईं।
- पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि खरात ने नासिक के ‘कनाडा कॉर्नर’ स्थित अपने कार्यालय में न सिर्फ आम महिलाओं को बल्कि उच्च पदस्थ महिला अधिकारियों और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों की पत्नियों को भी अपने जाल में फंसाया। पुलिस ने कई पीड़ित महिलाओं को विश्वास में लेकर उनके बयान दर्ज किए हैं जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
