बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुकेश अंबानी के खिलाफ CBI जांच की याचिका खारिज की, रिलायंस को मिली राहत

Bombay High Court ने रिलायंस इंडस्ट्रीज और मुकेश अंबानी के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। याचिका में ओएनजीसी के क्षेत्र से गैस के अवैध दोहन का आरोप लगाया गया था।
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मुकेश अंबानी ( सौजन्य : सोशल मीडिया )
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Ambani CBI Probe Plea Dismissed: बॉम्बे हाई कोर्ट ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और उसके चेयरमैन व प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग करने वाली याचिका को खारिज कर दिया। अदालत के इस फैसले से कंपनी और उसके प्रमुख को बड़ी राहत मिली है।

याचिका में आरोप लगाया गया था कि रिलायंस इंडस्ट्रीज ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ओएनजीसी के कृष्णा-गोदावरी बेसिन क्षेत्र से प्राकृतिक गैस का अवैध रूप से दोहन किया। याचिकाकर्ता का कहना था कि यह कार्य गैरकानूनी तरीके से किया गया, जिससे सरकारी संसाधनों का नुकसान हुआ।

अदालत की पीठ ने सुनाया फैसला

मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले की सुनवाई के बाद याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने उपलब्ध तथ्यों और दलीलों पर विचार करते हुए यह निर्णय लिया कि मामले में सीबीआई जांच का कोई पर्याप्त आधार नहीं बनता है।

गंभीर आरोपों की जांच की मांग

याचिकाकर्ता जितेंद्र मारू ने अपनी याचिका में मुकेश अंबानी के खिलाफ चोरी, बेईमानी, गबन और आपराधिक विश्वासघात जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। साथ ही उन्होंने इन आरोपों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने और जांच कराने की मांग की थी।

अदालत ने नहीं पाया ठोस आधार

सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि याचिका में प्रस्तुत तथ्यों में पर्याप्त ठोस साक्ष्य नहीं हैं, जो इस स्तर की जांच को उचित ठहरा सकें। इसी आधार पर अदालत ने याचिका को निरस्त कर दिया।

मामले पर आगे की स्थिति

इस फैसले के बाद फिलहाल इस मामले में किसी भी केंद्रीय एजेंसी की जांच की संभावना समाप्त हो गई है। हालांकि, याचिकाकर्ता के पास ऊपरी अदालत में जाने का विकल्प खुला है।

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