Devendra Fadnavis On Ashok Kharat (फोटो क्रेडिट-X)
Devendra Fadnavis On Ashok Kharat in Vidhan Sabha: नासिक के कथित ‘गॉडमैन’ अशोक खरात उर्फ कैप्टन के खिलाफ चल रही कार्रवाई ने महाराष्ट्र की राजनीति में तूफान ला दिया है। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले में पुलिस की तत्परता की सराहना करते हुए स्पष्ट किया है कि जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। दूसरी ओर, विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की संलिप्तता के गंभीर आरोप लगाए हैं।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने विधानसभा को आश्वस्त किया कि पुलिस पीड़ितों को पूरी सुरक्षा दे रही है, जिससे जांच में विश्वास बढ़ेगा और अधिक महिलाएं सामने आएंगी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सदन को बताया कि अशोक खरात की गिरफ्तारी अचानक नहीं हुई, बल्कि इसकी तैयारी काफी समय से चल रही थी। 10 मार्च को एक अन्य जिले में मिली शिकायत के बाद पुलिस ने जाल बिछाया था। फडणवीस ने कहा, “शुरुआत में महिलाएं शिकायत दर्ज कराने से डर रही थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें सुरक्षा का पुख्ता भरोसा दिया।” उन्होंने यह भी खुलासा किया कि खरात के खिलाफ पहले ही लुक-आउट सर्कुलर जारी कर दिया गया था ताकि वह देश छोड़कर भाग न सके। मुख्यमंत्री मंगलवार को इस मामले पर सदन में विस्तृत बयान देंगे।
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विपक्ष ने इस मामले को महाराष्ट्र की संस्कृति पर ‘कलंक’ करार दिया है। विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने मांग की कि इस घिनौने कृत्य में शामिल सभी रसूखदारों को तुरंत पदों से हटाया जाए। वहीं, शिवसेना (UBT) के नेता भास्कर जाधव ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले के तार कुछ मंत्रियों और वरिष्ठ IAS-IPS अधिकारियों से जुड़े हैं। जाधव ने सरकार पर पुराने मामलों को दबाने का आरोप लगाते हुए मांग की कि इस बार सच्चाई सामने आनी चाहिए और सदन में इस पर खुली चर्चा हो।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है। नासिक पुलिस ने अशोक खरात के मीरगांव स्थित फार्महाउस, टिकडे कॉलोनी स्थित बंगले और कनाडा कॉर्नर के कार्यालय पर छापेमारी कर सीसीटीवी डीवीआर (DVR) जब्त कर लिए हैं। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि 2022 में उसके पति की जान बचाने के नाम पर अनुष्ठान करने के बहाने खरात ने उसे नशीला पदार्थ पिलाकर रेप किया और पिछले तीन सालों तक उसे ब्लैकमेल कर शारीरिक शोषण करता रहा। SIT अब इन तकनीकी साक्ष्यों के जरिए यह पता लगा रही है कि इस काली करतूत में खरात के और कौन-कौन से साथी शामिल थे।