अशोक चव्हाण के बयान पर कांग्रेस का तीखा पलटवार, कहा- पिता की विरासत और विचारधारा से विश्वासघात किया
Ashok Chavan Vs Congress: अशोक चव्हाण द्वारा महिला आरक्षण पर दिए बयान के बाद महाराष्ट्र कांग्रेस ने उन पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने उन पर पिता की विचारधारा से विश्वासघात करने का आराेप लगाया।
- Written By: आकाश मसने
अशोक चव्हाण (सोर्स: सोशल मीडिया)
Congress Attack on Ashok Chavan: महाराष्ट्र की राजनीति में जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामने वाले पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद अशोक चव्हाण अब अपनी पुरानी पार्टी के निशाने पर हैं। विवाद की जड़ चव्हाण का वह बयान है, जिसमें उन्होंने विपक्ष पर ‘राजनीतिक अहंकार’ के कारण महिला आरक्षण विधेयक को रोकने का आरोप लगाया था।
कांग्रेस ने अशोक चव्हाण पर बोला तीखा हमला
महाराष्ट्र कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक बेहद कड़ा पोस्ट साझा करते हुए अशोक चव्हाण को उनके पारिवारिक मूल्यों की याद दिलाई। कांग्रेस ने लिखा कि अशोक चव्हाण जिस कांग्रेस के प्रति आपके पिता शंकरराव चव्हाण जीवनभर वफादार रहे उसी कांग्रेस पार्टी के साथ आपने विश्वाघात किया। बता दें कि महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण 2024 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।
मा. अशोकराव,
ज्या कॉंग्रेस पक्षाशी आपले वडील स्व. शंकरराव चव्हाण साहेब आयुष्यभर एकनिष्ठ राहीलेत, त्याच कॉंग्रेस पक्षासोबत आपण गद्दारी करण्याअगोदर २०२३ मध्येच, “नारी शक्ती वंदन अधिनियम – २०२३”, म्हणजेच लोकसभा व विधानसभेच्या जागांमध्ये महिलांसाठीचे ३३% आरक्षण हे संसदेत एकमताने… https://t.co/SNBs20Onc7 pic.twitter.com/gU5Ew8pgQ6 — Maharashtra Congress (@INCMaharashtra) April 18, 2026
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वर्ष 2023 में ही, “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” (महिला आरक्षण विधेयक) संसद में सर्वसम्मति से पारित हो चुका था। इसमें कांग्रेस पार्टी का भी समर्थन शामिल था। इसके अलावा, यह 16 अप्रैल, 2026 से प्रभावी भी हो चुका है।
इतिहास का पाठ और राजीव गांधी का जिक्र कांग्रेस ने अशाेक चव्हाण के आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें याद दिलाया कि भारत में महिला आरक्षण की नींव पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने रखी थी। पार्टी ने स्पष्ट किया स्थानीय निकायों (पंचायती राज) में महिलाओं को आरक्षण देने की पहल राजीव गांधी के नेतृत्व में ही शुरू हुई थी। बाद में कांग्रेस शासन के दौरान ही इस कोटे को बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया गया। ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023’ को भी संसद में विपक्ष के समर्थन से सर्वसम्मति से पारित किया गया था।
क्या था अशोक चव्हाण का बयान?
शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान अशोक चव्हाण ने केंद्र सरकार के ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम‘ को ऐतिहासिक बताया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि विपक्षी दल अपने अहंकार के कारण महिलाओं के हक में बाधा बन रहे हैं। चव्हाण ने कहा था कि यह कानून 2029 के चुनावों से लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं की स्थिति बदल देगा।
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2024 में भाजपा में शामिल होने के बाद से ही चव्हाण लगातार कांग्रेस पर हमलावर हैं। हालांकि, कांग्रेस अब उन्हें ‘अवसरवादी’ साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। पार्टी ने तंज कसते हुए कहा कि चव्हाण को अपनी नई प्रतिबद्धताओं का सम्मान करने के बजाय कम से कम अपने परिवार के इतिहास का सम्मान करना चाहिए था।
