

शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने स्वतंत्रता आंदोलन में भाजपा की भूमिका पर सवाल उठाए।
सावंत ने कहा कि नेहरू परिवार ने देश की खातिर अपनी संपत्ति समर्पित कर दी थी।
उन्होंने सोनिया गांधी के बाबरी मस्जिद विध्वंस से जुड़े बयान का पूर्ण समर्थन किया।
Arvind Sawant Nehru Family Sacrifice: शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए स्वतंत्रता आंदोलन में उसके योगदान और परिवारवाद के आरोपों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू और उनके परिवार ने देश के लिए अपनी संपत्ति तक समर्पित कर दी थी।
भाजपा को विपक्षी नेताओं पर परिवारवाद का आरोप लगाने से पहले अपने नेताओं के परिवारों और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान के बारे में बताना चाहिए। सावंत ने सोनिया गांधी की बाबरी मस्जिद विध्वंस को लेकर की गई टिप्पणी का भी समर्थन किया और भाजपा पर समाज में नफरत तथा विभाजन की राजनीति करने का आरोप लगाया।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की ओर से दो राजनीतिक उत्तराधिकारियों को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सावंत ने कहा कि भाजपा आरोप लगाकर और भ्रम फैलाकर राजनीति करती है। परिवारवाद के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस के सदस्य नहीं हैं, लेकिन इतिहास की सच्चाई बताना चाहते हैं।
सावंत ने पंडित जवाहरलाल नेहरू के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जेल में बिताए समय का उल्लेख करते हुए भाजपा से सवाल किया कि उसकी पार्टी में ऐसा कौन नेता है, जिसने देश की आजादी के लिए इतना लंबा समय जेल में बिताया हो।
उन्होंने मोतीलाल नेहरू और जवाहरलाल नेहरू की संपत्ति का जिक्र करते हुए कहा कि नेहरू परिवार ने अपनी संपत्ति तक देश के लिए समर्पित कर दी थी। सावंत ने आनंद भवन का उदाहरण देते हुए कहा कि परिवार ने देश के हित में अपनी संपत्ति का त्याग किया था। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी के पास आज अपना मकान तक नहीं है।
अरविंद सावंत ने भाजपा के नेताओं और उससे जुड़े संगठनों के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हेडगेवार शुरुआत में कांग्रेस में काम करते थे, लेकिन महात्मा गांधी की ओर से आजादी की लड़ाई में जेल जाने और लाठीचार्ज का सामना करने की बात कहे जाने पर कुछ लोग पीछे हट गए थे।
उन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी का नाम लेते हुए भी सवाल उठाए। सावंत ने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान नहीं दिया, वे आज राष्ट्र की एकता और अखंडता की बात कर रहे हैं।
सोनिया गांधी की बाबरी मस्जिद विध्वंस को लेकर की गई टिप्पणी का समर्थन करते हुए सावंत ने कहा कि उनकी बात 100 फीसदी सच है। उन्होंने भाजपा के संगठन और विचारधारा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसके विचार समाज को जोड़ने के बजाय बांटने का काम करते हैं।
सावंत ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में जाति और धर्म के आधार पर विभाजन की राजनीति को 2014 के बाद बढ़ावा मिला है। उनके मुताबिक, राजनीति में प्रेम और सद्भाव के बजाय घृणा और द्वेष को जगह दी जा रही है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) और अजित पवार गुट के संभावित विलय की चर्चाओं पर सावंत ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। उन्होंने इसे दोनों दलों का आंतरिक मामला बताया।
सावंत ने कहा कि वह दोनों पक्षों के नेताओं के साथ काम कर चुके हैं। उनकी शरद पवार से मुलाकात होती रही है और अजित पवार से भी उनकी बातचीत हुई है। हालांकि, मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियों के नेता अपनी कुर्सी बचाए रखने में लगे हुए हैं।
सावंत ने भाजपा पर परिवारवाद के मुद्दे पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया कि भाजपा के नेताओं के बेटे और बेटियां किन पदों पर हैं और उनकी राजनीतिक भूमिका क्या है।
उन्होंने कहा कि जब भाजपा के अपने नेताओं के परिवार भी राजनीति और महत्वपूर्ण पदों पर हैं, तो केवल विपक्षी दलों पर परिवारवाद का आरोप लगाना उचित नहीं है। भाजपा को पहले अपने नेताओं के परिवारों की राजनीतिक भूमिका पर भी जवाब देना चाहिए।
राजीव गांधी फाउंडेशन को मिलने वाली विदेशी फंडिंग को लेकर भाजपा के आरोपों पर सावंत ने कहा कि ऐसा हो सकता है। इस मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के विचारों का उल्लेख किया।
सावंत ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे ने स्पष्ट किया था कि मुसलमानों से उनकी कोई लड़ाई या नफरत नहीं है। उनकी अपेक्षा थी कि सभी लोग देश और इस मिट्टी के प्रति निष्ठावान रहें।
उन्होंने इतिहास में मुगल शासकों की ओर से मंदिरों को ध्वस्त किए जाने की घटनाओं का उल्लेख करते हुए काशी, मथुरा और अयोध्या जैसे धार्मिक स्थलों का जिक्र किया। सावंत ने कहा कि इन ऐतिहासिक मुद्दों पर बात करना नफरत फैलाना नहीं है। उन्होंने अयोध्या के मुद्दे का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां का विवाद अब हल हो चुका है।
शिवसेना में मुस्लिम नेताओं की भूमिका का उदाहरण देते हुए उन्होंने शब्बीर भाई शेख का नाम लिया। सावंत के मुताबिक, शब्बीर भाई शेख शिवसेना के गठन के समय से लेकर अंत तक पार्टी के साथ रहे। वह नमाजी थे और मुस्लिम समुदाय से आते थे, लेकिन पार्टी में उनके योगदान को महत्व दिया गया।
सावंत ने कहा कि हिंदुत्व का अर्थ किसी धर्म के प्रति नफरत करना नहीं है। उनके मुताबिक, हिंदुत्व राष्ट्रीयत्व का विषय है और इसे देश की एकता, अखंडता तथा संप्रभुता से जोड़कर देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व धर्मांधता नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति निष्ठा और एकजुटता का विचार है।