SIR पर चुनाव आयोग के फैसले का संजय निरुपम ने किया स्वागत, विपक्ष पर लगाया झूठा प्रचार करने का आरोप

Sanjay Nirupam On SIR: संजय निरुपम ने SIR के तहत हटाए गए नामों पर दोबारा आवेदन का मौका देने के चुनाव आयोग के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने विपक्ष पर प्रक्रिया को बदनाम करने का आरोप लगाया।
Sanjay Nirupam on SIR Election Commission Decision and Opposition
संजय निरुपम(सोर्स: IANS)
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Highlights

  • शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने चुनाव आयोग के फैसले का स्वागत किया है।

  • निरुपम ने विपक्षी दलों पर SIR प्रक्रिया को बदनाम करने का गंभीर आरोप लगाया।

  • उन्होंने सोनिया गांधी के एक्स पोस्ट पर निशाना साधते हुए नकारात्मकता फैलाने की बात कही।

Sanjay Nirupam Welcomes Election Commission Decision: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने चुनाव आयोग के फैसले का स्वागत किया है।

आयोग की ओर से दिल्ली समेत सात राज्यों में ड्राफ्ट मतदाता सूची से नाम हटाए गए लोगों को दोबारा आवेदन करने का अवसर दिए जाने पर निरुपम ने कहा कि इससे उन योग्य और वैध मतदाताओं को एक और मौका मिलेगा, जिनके नाम किसी कारणवश सूची से हट गए हैं। उन्होंने विपक्ष पर SIR प्रक्रिया को बदनाम करने और इसे लेकर झूठा प्रचार करने का आरोप लगाया।

निरुपम ने कहा कि देशभर में विपक्षी दलों ने SIR के खिलाफ प्रदर्शन, धरने और आंदोलन किए। उनके मुताबिक, विशेष गहन पुनरीक्षण कोई गैरकानूनी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि संविधान के प्रावधानों के तहत संचालित होने वाली वैधानिक प्रक्रिया है। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी भी है। ऐसे में इसे लेकर लगातार आशंकाएं जताना और गलत तरीके से पेश करना उचित नहीं है।

वैध मतदाताओं को मिला दोबारा आवेदन का मौका

संजय निरुपम ने कहा कि SIR को लेकर कुछ लोगों ने आशंका जताई थी कि इस प्रक्रिया में वैध मतदाताओं के नाम भी मतदाता सूची से हट सकते हैं। साथ ही, ऐसे लोगों को अपना पक्ष रखने या नाम दोबारा जुड़वाने का पर्याप्त अवसर नहीं मिलने की चिंता भी सामने आई थी।

उन्होंने कहा कि इन आशंकाओं को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने दोबारा आवेदन का अवसर दिया है। यदि कोई व्यक्ति योग्य और वैध मतदाता है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत फिर से अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने का प्रयास कर सकता है। निरुपम ने आयोग की इस पहल को सकारात्मक बताते हुए कहा कि विपक्ष को इसका सम्मान करना चाहिए।

NCP के दोनों गुटों के विलय पर बोले- यह उनका आंतरिक मामला

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी संजय निरुपम ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दोनों गुटों के विलय को लेकर समय-समय पर चर्चाएं और अटकलें सामने आती रहती हैं। अलग-अलग घटनाओं और बयानों को जोड़कर कई तरह के दावे किए जाते हैं।

संजय निरुपम ने कहा कि NCP का एक गुट शिवसेना का सहयोगी है, जबकि दूसरे गुट के राजनीतिक संबंध अलग हैं। दोनों गुटों को भविष्य में किस दिशा में आगे बढ़ना है, एक-दूसरे के साथ कैसे संबंध रखने हैं और विलय करना है या अलग-अलग रहना है, यह उनका आंतरिक विषय है।

उन्होंने कहा कि अजित दादा के रहते विलय को लेकर क्या निर्णय हुआ था और उनके जाने के बाद क्या अड़चनें सामने आ रही हैं, इस पर शिवसेना को अपनी राय देने की जरूरत नहीं है। उनकी पार्टी इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती।

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सोनिया गांधी के एक्स पोस्ट पर भी साधा निशाना

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के एक्स पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए निरुपम ने उन पर नकारात्मकता फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश में दिवाली का उत्सव शुरू हो चुका है और छठ महापर्व भी आने वाला है। ऐसे समय में सोनिया गांधी की ओर से नकारात्मक विचार व्यक्त करना अनुचित है।

निरुपम ने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में देश में लोकतंत्र की ताकत बढ़ी है और संविधान का शासन स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि जो लोग देश में लोकतंत्र खतरे में होने की बात करते हैं, वे भी राजधानी के रामलीला मैदान में बड़ी रैलियां, आंदोलन और प्रदर्शन आयोजित करते हैं। उनके मुताबिक, यदि देश में लोकतंत्र नहीं होता तो इस तरह के आयोजन संभव नहीं होते।

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संजय निरुपम कहा कि संविधान नागरिकों को सरकार से असहमति जताने, उसकी नीतियों की आलोचना करने और अपनी बात रखने का अधिकार देता है। निरुपम ने दावा किया कि संविधान के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है और ऐसा कोई नहीं कर सकता। उन्होंने सोनिया गांधी के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि त्योहारों के समय सकारात्मक संदेश देने के बजाय नकारात्मकता फैलाने की कोशिश की जा रही है।