आनंद दुबे को फांसी पर लटका देना...सीजफायर पर भड़का विपक्ष, मोदी सरकार पर बोला हमला, इंदिरा गांधी से सीख लेने की दी नसीहत

Ceasefire Violation: भारत और पाकिस्तान के बीच 10 मई की शाम डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप से सीजफायर का ऐलान किया गया। सीजफायर होते ही विपक्ष मोदी सरकार पर भड़क गया और कड़ी आलोचना की।
भारत और पाकिस्तान के बीच 10 मई की शाम डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप से सीजफायर का ऐलान किया गया। सीजफायर होते ही विपक्ष मोदी सरकार पर भड़क गया और कड़ी आलोचना की।
आनंद दुबे और पीएम मोदी (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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मुंबई: भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव पर बीते दिन सीडफायर का ऐलान किया गया। भारत सरकार के इस फैसले विपक्ष में नाराजगी है। शिवसेना यूबीटी ने इस सीजफायर का विरोध करते हुए सरकार की आलोचना की है। इस मुद्दे पर शिवसेना यूबीटी नेता आनंद दुबे ने भारत सरकार और पीएम मोदी पर जमकर हमला बोला है।

भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान संघर्ष विराम पर शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे कहा, "देश में युद्ध होता है तो जमीन पर युद्ध सेना लड़ती है। देश की सेना का जोश हाई है और तय कर लिया है कि पाकिस्तान की सेना को सबक सिखाना है। ऐसे में डोनाल्ड ट्रम्प प्रकट होते है, कहते है कि सीजफायर कर देना चाहिए और भारत की सरकार बिना सेना और विपक्ष से बात करते हुए देश की जनता को विश्वास में न लेते हुए सीजफायर का समर्थन कर देती है। इसके तीन घंटे बाद ही पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आता और बॉर्डर एरिया में हमले करता है।"

आनंद दुबे का बयान

भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान संघर्ष विराम पर शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे कहते हैं, "हमारी सेना का जोश चरम पर है, इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति संघर्ष विराम की बात कहते हैं, भारत सरकार बिना सेना और लोगों को विश्वास में लिए संघर्ष विराम का समर्थन करती है, फिर भी वे संघर्ष विराम का उल्लंघन करते हैं।

आनंद दुबे ने सीजफायर का विरोध करते हुए कहा कि क्या गारंटी है कि सीजफायर के बाद पाकिस्तान सुधरेगा और आकंतवादी हमले नहीं करेगा। हमने पीएम मोदी को प्रचंड बहुमत दिया है। पीएम मोदी से देश को उम्मीद जागी थी कि अब पीओकी भी हमारा होगा, पाकिस्तान के खंड-खंड होगे और बलूचिस्तान अलग हो जाएगा। इसलिए देश ने आपको चुना था कि पीएम मोदी कुछ अलग करेंगे।

इंदिरा गांधी से सीख लें पीएम मोदी - दुबे

पीएम मोदी को नसीहत देते हुए आनंद दुबे ने कहा, "पीएम मोदी को इंदिरा गांधी से सिखना चाहिए। इंदिरा गांधी ने 1971 की लड़ाई में पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिए। पाकिस्तान और उसके हजारों सैनिकों ने भारत के सामने घुटने टेक कर आत्मसमर्पण कर दिया। अगर इस बार भी ऐसा होता तो देश आपको ताज बनाकर रखता लेकिन पीएम मोदी सेना के हाथ बांध रहे है और अमेरिका की बात सुन रहे है।"

डोनाल्ड ट्रंप पर तंज कसते हुए आनंद दुबे ने कहा, डोनाल्ड ट्रंप भारत को सिर्फ सलाह दे सकते है, आदेश नहीं। अमेरिका को विश्वगुरू बनने का ख्याल छोड़ देना चाहिए। अमेरिका विश्वगुरु नहीं है और न ही भारत अमेरिका का शिष्य है।

जनता से ले राय - दुबे

आनंद दुबे ने जनमत कराने की सलाह देकर कहा, "सरकार को देश के लोगों की राय लेनी चाहिए क्योंकि देश सीजफायर नहीं चाहता। अगर ज्यादातर देशवासियों ने ये नहीं कहा कि हमें पाकिस्तान को नेस्तानाबूत करना है तो आनंद दुबे को फांसी पर आप लटका देना। आपने करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाया है। सीजफायर की बात पीएम को बताना चाहिए था, लेकिन ये बात डोनाल्ड ट्रंप बता रहे है।"

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