मत्स्य पालन क्षेत्र में सहकार के माध्यम से समृद्धि लाएंगे, नौकाओं के वितरण समारोह में शाह का वादा
Amit Shah News: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुणे में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत सहकारी समितियों को दो बड़ी नौकाओं का वितरण किया। इस योजना से मछुआरों की समृद्धि बढ़ेगी।
- Written By: अर्पित शुक्ला
अमित शाह, (केंद्रीय गृह मंत्री)
Mumbai News: केंद्र सरकार के राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम और राज्य सरकार के मत्स्य पालन विभाग के सहयोग से प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत सहकारी समितियों को गहरे समुद्र में मछली पकड़ने वाली नौकाओं का वितरण और उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड में किया गया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि डेयरी उद्योग और चीनी उद्योगों ने सहकारिता के माध्यम से देश और राज्य में बड़े पैमाने पर समृद्धि लाने का काम किया है.
इसी प्रकार, देश के मत्स्य पालन क्षेत्र में समृद्धि लाने के लिए अगले पांच वर्षों में सहकारिता आधारित एक पारिस्थितिकी तंत्र (इको-सिस्टम) बनाया जाएगा. इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री अजित पवार, मत्स्य पालन मंत्री नितेश राणे, केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल, सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल, गृह एवं सहकारिता राज्य मंत्री पंकज भोयर, मुख्य सचिव राजेश कुमार, मत्स्य पालन विभाग के सचिव रामास्वामी एन. आदि उपस्थित थे.
]अमित शाह ने कहा कि यद्यपि आज हम दो नावें दे रहे हैं लेकिन यह योजना भविष्य में मछुआरों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी. भविष्य में भारत के मत्स्य संसाधनों की क्षमता में वृद्धि होगी और इसका सीधा लाभ मत्स्य पालन क्षेत्र के मछुआरों को होगा. प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत वर्तमान में राज्य की सहकारी समितियों को 14 नावें दी जा रही हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले पांच वर्षों में कम से कम 200 नावें समुद्र में उतारने का लक्ष्य रखा है. ये नावें 25 दिनों तक गहरे समुद्र में रहकर 20 टन तक मछलियां पकड़ सकेंगी. इन नावों से मछलियां इकट्ठा करने और उन्हें किनारे तक पहुंचाने के लिए एक बड़ा जहाज भी उपलब्ध कराया जाएगा. इन नावों से होने वाला लाभ सीधे मछुआरों तक पहुंचेगा, जिससे उनकी आर्थिक समृद्धि होगी. 1,199 किलोमीटर लंबी तटरेखा में अपार संभावनाएं हैं और केंद्र सरकार का लक्ष्य इसके अधिकतम मछुआरों तक पहुंचना है.
सम्बंधित ख़बरें
अहिल्यानगर: प्रेम संबंध के चलते युवक की बेरहमी से पिटाई, डिप्रेशन में आकर युवक ने की आत्महत्या
‘मेरे बाप को फांसी दो’, पुणे पार्वती कांड में मां का कलेजा फटा; 9 साल की मासूम की आपबीती सुनकर दहल जाएगा दिल
सुवेंदु नहीं तो कौन? बंगाल में बीजेपी खेलेगी ‘सरप्राइज कार्ड’, सीएम फेस पर सस्पेंस! समझिए शाह के दौरे के मायने
PCMC Property Tax: पिंपरी-चिंचवड़ में घर-घर पहुंचेगा प्रॉपर्टी टैक्स बिल, 600 महिलाएं संभाल रहीं जिम्मेदारी
ब्लू इकोनॉमी विकसित करने में महाराष्ट्र आगे- सीएम देवेंद्र
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्लू इकोनॉमी (समुद्र आधारित) के विकास को प्रोत्साहित दिया और विभिन्न योजनाएं लाईं. यही कारण है कि महाराष्ट्र ने नए मछली पकड़ने के बंदरगाह बनाने, नए मछली पकड़ने के पारिस्थितिकी तंत्र बनाने, मछली पकड़ने के वाहनों के लिए पारिस्थितिकी तंत्र बनाने जैसे हर पहलू में बड़ी बढ़त हासिल की है. पिछले कुछ वर्षों में, महाराष्ट्र ने देश में मछली उत्पादन में 45 प्रतिशत की सबसे अधिक वृद्धि देखी है. अगले पाँच वर्षों में महाराष्ट्र को शीर्ष पर लाने के लिए कार्य किया जाएगा.
यह भी पढ़ें- महाराष्ट्र के पुणे से संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार, महाराष्ट्र ATS ने 10 जगहों पर की छापेमारी
मत्स्य उत्पादन में राज्य को अव्वल बनाएंगे – मंत्री नितेश राणे
मत्स्य पालन मंत्री नितेश राणे ने कहा कि राज्य ने मत्स्य पालन को कृषि का दर्जा दिया है. इसके साथ ही, एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) तकनीक के उपयोग, मछुआरों को वित्तीय सहायता प्रदान करने वाली योजनाओं और मत्स्य बंदरगाहों के विकास से मत्स्य उत्पादन में 45 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. पिछले 11 महीनों में, राज्य सरकार ने कई क्रांतिकारी निर्णय लिए हैं और विभाग के माध्यम से मछुआरों के लिए विभिन्न 26 योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है. इससे मीठे पानी और समुद्री मत्स्य पालन में लगे मछुआरों के जीवन में आर्थिक समृद्धि आएगी. मंत्री राणे ने यह भी कहा कि भविष्य में केंद्र सरकार के सहयोग से और सहकारिता विभाग के माध्यम से मत्स्य पालन क्षेत्र में क्रांति लाई जाएगी.
