Amin Patel On LPG Crisis Mumbai (फोटो क्रेडिट-X)
LPG Cylinder Long Queues Mumbai: मुंबई की चिलचिलाती धूप और बढ़ते तापमान के बीच शहर की सड़कों पर एक दर्दनाक मंजर देखने को मिल रहा है। रसोई गैस (LPG) की भारी किल्लत के कारण गैस वितरकों के दफ्तरों के बाहर औरतों, बुजुर्गों और छोटे बच्चों की लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। इस संकट पर कांग्रेस विधायक अमीन पटेल ने सरकार के दावों की हवा निकालते हुए इसे ‘खोखला’ करार दिया है। पटेल ने कहा कि एक ओर सरकार आपूर्ति सुचारू होने के बड़े-बड़े वादे कर रही है, वहीं दूसरी ओर आम जनता अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए सड़कों पर संघर्ष करने को मजबूर है।
विधान भवन के बाहर मीडिया से बात करते हुए अमीन पटेल ने अपना व्यक्तिगत अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि अपने घर से विधान भवन आने के दौरान उन्होंने रास्ते में पड़ने वाली दो गैस एजेंसियों के बाहर लोगों का हुजूम देखा। यह केवल एक इलाके की बात नहीं है, बल्कि पूरी मुंबई और महाराष्ट्र में एलपीजी की मांग और आपूर्ति के बीच एक बड़ी खाई पैदा हो गई है। पटेल ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तत्काल कदम नहीं उठाए, तो स्थिति हाथ से निकल सकती है।
Mumbai: Congress MLA Amin Patel, says, ”Just now when I was coming to Vidhan Bhawan from my home, there were two LPG shops in between. Women, children, old people, young people, all of them are standing there with their cylinders and there are long queues. Today, in Mumbai, in… pic.twitter.com/YTMKsJUgyZ — IANS (@ians_india) March 13, 2026
अमीन पटेल ने भावुक होते हुए कहा कि कतारों में केवल युवा ही नहीं, बल्कि घर की महिलाएं और बुजुर्ग भी घंटों खड़े रहने को मजबूर हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार आखिर किस ‘ऑल इज वेल’ की बात कर रही है? उन्होंने कहा, “जब मैं यहां आ रहा था, मैंने देखा कि लोग अपने खाली सिलेंडरों के साथ भीषण गर्मी में कतारों में लगे हैं। मुंबई, महाराष्ट्र और पूरे देश में आज एलपीजी की भारी मांग है, लेकिन लोगों को सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। सरकार के पास कोई ठोस योजना नहीं है।”
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विधायक पटेल ने एक और चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि मुंबई महानगरपालिका (BMC) के कई स्कूलों में मिड-डे मील (Mid-day Meal) की व्यवस्था भी ठप होने की कगार पर है। गैस सिलेंडरों की कमी के कारण स्कूली बच्चों को दिए जाने वाले दोपहर के भोजन को बनाने में भारी कठिनाई आ रही है। पटेल के अनुसार, उनके पास ऐसी जानकारी है कि कई स्कूलों में यह सेवा लगभग बंद हो चुकी है। यह स्थिति न केवल घरों की रसोई बल्कि गरीब बच्चों के पोषण पर भी सीधा प्रहार कर रही है।
अमीन पटेल ने सरकार से मांग की है कि वह कागजी आंकड़ों से बाहर निकलकर सड़कों पर खड़े लोगों की सुध ले। उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट संकट के बहाने प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकता। उन्होंने सरकार से मांग की है कि मुंबई और महाराष्ट्र के राशनिंग क्षेत्रों में तत्काल अतिरिक्त कोटा जारी किया जाए और उन गरीब परिवारों को प्राथमिकता दी जाए जिनके पास वैकल्पिक ईंधन का कोई साधन नहीं है।