गले में मांस की माला और हाथों में कचरे का ढेर, जब सिस्टम को जगाने सरकारी दफ्तर में घुसा युवक; देखें VIDEO
Ambernath Unique Protest: महाराष्ट्र के अंबरनाथ में सिस्टम से तंग आकर एक युवक गले में चिकन लेग की माला और हाथों में कचरा लेकर नगर परिषद दफ्तर पहुंच गया। देखें यह वायरल वीडियो।
- Written By: गोरक्ष पोफली
गले में मांस की माला पहन नगर परिषद पहुंचा युवक (सोर्स: सोशल मीडिया)
Unique Protest Garbage Chicken Leg Garland: महाराष्ट्र के अंबरनाथ से विरोध प्रदर्शन की एक ऐसी अनोखी और हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है, जिसने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट-काट कर थक चुके एक युवक ने सिस्टम को जगाने के लिए ऐसा रास्ता चुना कि देखने वाले दंग रह गए। वह युवक गले में चिकन लेग की माला पहनकर और हाथों में बदबूदार कूड़ा-कचरा लेकर सीधे अंबरनाथ नगर परिषद के कार्यालय जा पहुंचा।
आपका ऑफिस साफ, तो हमारा इलाका गंदा क्यों?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में युवक का गुस्सा सातवें आसमान पर नजर आ रहा है। कार्यालय के भीतर अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच खड़े होकर उसने सीधा सवाल दागा कि आपके ऑफिस इतने साफ-सुथरे हैं, तो फिर हमारे रहने की जगह गंदगी का ढेर क्यों बनी हुई है? युवक का आरोप है कि वह पिछले एक महीने से लगातार नगर परिषद के चक्कर काट रहा है, लेकिन उसकी समस्या सुनने वाला कोई नहीं है।
“मै वहा गंदगी में रहता हुं, आप भी रहिये…” 🤬 गले में ‘मुर्गे की टांगों’ का हार पहनकर अंबरनाथ नगर परिषद पहुंचा संतप्त युवक! 🐔 इलाके में कचरे के ढेर से परेशान युवक ने नगर निगम की नींद उड़ाने के लिए यह अनोखा और दिलचस्प विरोध प्रदर्शन चुना। तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल! 🔥 pic.twitter.com/lrkja1FPxa — Goraksha Pophlee (@PophleeGor51025) June 19, 2026
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मौलिक अधिकारों की याद दिलाई
अधिकारियों के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए युवक ने संविधान के अनुच्छेद 21 का हवाला दिया। उसने दोटूक शब्दों में कहा कि एक स्वच्छ परिसर और शुद्ध हवा में सांस लेना उसका मौलिक अधिकार है। युवक ने भावुक होते हुए कहा, मैं मई महीने से यहां आ रहा हूं। हम वहां सड़ांध और गंदगी के बीच कैसे रह रहे हैं, इसका अंदाजा आपको नहीं है। अगर मुझे साफ वातावरण नहीं मिल सकता, तो फिर आप भी इस गंदगी और बदबू का सामना करें।
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सिस्टम के खिलाफ आर-पार की लड़ाई
वीडियो में युवक यह भी कहता सुनाई दे रहा है कि अधिकारी उसे मुख्य अधिकारी से मिलने नहीं दे रहे हैं। उसने साफ किया कि वह अब डरने वाला नहीं है और वहीं धरने पर बैठ जाएगा। उसने अधिकारियों को चुनौती देते हुए पूछा कि वे उस पर किस नियम के तहत कार्रवाई करेंगे, जबकि असल में वे खुद स्वच्छता के नियमों का उल्लंघन कर जनता को नरक में रहने पर मजबूर कर रहे हैं।
यह घटना दर्शाती है कि जब आम आदमी की सुनवाई बंद हो जाती है, तो वह इसी तरह के उग्र और अनोखे कदम उठाने पर मजबूर होता है। फिलहाल यह वायरल वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन से सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर एक नागरिक को अपने हक की सफाई के लिए इस हद तक क्यों गिरना पड़ा।
