‘शिंदे सेना के साथ जाने में क्या हर्ज!’दानवे के बयान से यूबीटी में हलचल के संकेत
Ambadas Danve: अंबादास दानवे के शिंदे गुट के साथ जाने वाले बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी है, खासकर जिला परिषद चुनाव से पहले संभावित सियासी बदलावों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
- Written By: आंचल लोखंडे
Ambadas Danve statement (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़े सियासी बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए बुधवार को होने वाले चुनाव से पहले छत्रपति संभाजीनगर जिले में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता और विधान परिषद में विपक्ष के पूर्व नेता अंबादास दानवे के बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
दानवे ने मंगलवार को कहा कि यदि जरूरत पड़ी, तो वे उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ जा सकते हैं। उन्होंने कहा, “शिंदे सेना के साथ जाने में हर्ज क्या है? हम संत-महंत नहीं, बल्कि राजनीति करने वाले लोग हैं।”
बदल सकता है राजनीतिक समीकरण
उन्होंने आगे कहा कि फिलहाल उनकी पार्टी (यूबीटी) और शिंदे गुट के बीच चल रही खींचतान उनके लिए फायदेमंद है। दानवे ने कहा, “हम चाहते हैं कि दोनों गुटों में संघर्ष जारी रहे। जब दोनों में टकराव होगा, तो हमें अवसर मिलेगा।” उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जिला परिषद चुनाव से पहले 24 घंटे के भीतर कोई भी राजनीतिक समीकरण बदल सकता है।
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नगरसेवकों के दौरे पर बयान
अपने गुट के नगरसेवकों के दौरे पर जाने की खबरों की पुष्टि करते हुए दानवे ने कहा कि यह सही है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि शिंदे गुट के नगरसेवक भी दौरे पर गए हैं या नहीं, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। दानवे के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। अब सभी की नजरें जिला परिषद चुनाव पर टिकी हैं, जहां यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सा गुट किसके साथ जाता है और इसके क्या परिणाम सामने आते हैं।
