Fadnavis power announcement (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra electricity Rates: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि राज्य में अगले पांच वर्षों में बिजली दरें बढ़ने के बजाय हर साल 1.2 प्रतिशत की दर से कम होंगी और वर्ष 2029 तक दरों में स्थिरता आ जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सौर ऊर्जा की बढ़ती उपलब्धता को देखते हुए सरकार ने अपनी नीति में बदलाव किया है। अब सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे (सोलर आवर्स) के बीच बिजली उपयोग करने वाले उद्योगों को 25 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। इससे पहले यह छूट रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक दी जाती थी।
वर्तमान में महाराष्ट्र में औद्योगिक बिजली दर 8.32 रुपये प्रति यूनिट है, जो वर्ष 2029-30 तक घटकर 7.38 रुपये प्रति यूनिट हो जाएगी। तमिलनाडु (9.35 रुपये) और गुजरात (8.43 रुपये) की तुलना में यह दर देश में सबसे प्रतिस्पर्धी होगी। उल्लेखनीय है कि महावितरण ने 1 लाख करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व पार कर देश की सबसे बड़ी बिजली वितरण कंपनी का दर्जा हासिल किया है।
महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग (MERC) ने पहले कृषि उपभोक्ताओं की बिजली दरों में 30 प्रतिशत वृद्धि की थी। हालांकि, राज्य सरकार के हस्तक्षेप के बाद आयोग ने स्वतः संज्ञान (सुओ मोटू) लेते हुए अपना आदेश वापस ले लिया, जिससे किसानों पर बढ़े हुए दरों का बोझ कम हुआ।
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मुख्यमंत्री ने उद्योगों से बैटरी स्टोरेज सिस्टम अपनाने की अपील की। वर्तमान में इसकी लागत 2.80 से 2.90 रुपये प्रति यूनिट तक आ गई है, जिससे 24 घंटे रियायती दरों पर बिजली उपलब्ध कराई जा सकती है। पिछले तीन वर्षों में औद्योगिक बिजली मांग में 23 प्रतिशत की वृद्धि राज्य में बढ़ते निवेश आकर्षण का संकेत है।