वैकल्पिक मार्ग का ‘नक्शा’ भूले अधिकारी, परसवाड़ा-बोरा मार्ग बंद होने से जनता की बढ़ी मुसीबत
Paraswada Bora Road: तिरोड़ा तहसील में परसवाड़ा-बोरा सड़क निर्माण के दौरान वैकल्पिक मार्ग न बनने से किसानों, छात्रों और नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- Written By: आंचल लोखंडे
road construction issue (सोर्सः सोशल मीडिया)
Tiroda Road Closed: तिरोड़ा तहसील में परसवाड़ा से बोरा जाने वाली सड़क की हालत बेहद खराब हो गई थी। सड़क पर बने गड्ढे लगातार दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे थे। इसे लेकर ग्रामीणों ने कई बार शिकायत कर सड़क की मरम्मत की मांग की और आंदोलन भी किया। इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने परसवाड़ा-बोरा सड़क के निर्माण का काम शुरू कर दिया है। इसी मार्ग पर बने पुल का भी नवीनीकरण किया जा रहा है।
हालांकि विभाग और ठेकेदार ने निर्माण कार्य के लिए सड़क बंद कर दी है, लेकिन वैकल्पिक मार्ग तैयार नहीं किया गया। इससे किसानों, नागरिकों और विद्यार्थियों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। क्षेत्र में चर्चा शुरू हो गई है कि क्या प्रशासन वैकल्पिक मार्ग बनाना भूल गया है।
वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करना अनिवार्य
उल्लेखनीय है कि सड़क निर्माण के दौरान वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करना अनिवार्य होता है और इसके लिए बजट में निधि भी स्वीकृत रहती है। बावजूद इसके, संबंधित सड़क पर काम के दौरान वैकल्पिक मार्ग तैयार नहीं किए जाने से ग्रामवासियों ने अंदाज पत्रक पर सवाल उठाए हैं।
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तिरोड़ा तहसील की परसवाड़ा-बोरा सड़क आसपास के कई गांवों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग है। सोनेगांव, डब्बेटोला और बोरा के नागरिकों तथा विद्यार्थियों को पढ़ाई और अन्य कार्यों के लिए इसी रास्ते से आवागमन करना पड़ता है। गड्ढों के कारण पहले ही लोगों को काफी परेशानी हो रही थी, और अब सड़क बंद होने से स्थिति और गंभीर हो गई है।
लोक निर्माण विभाग से की शिकायत
परसवाड़ा और बोरा के नागरिकों ने कई बार लोक निर्माण विभाग से शिकायत कर सड़क मरम्मत की मांग की थी और इसके लिए आंदोलन भी किया था। लंबे इंतजार के बाद विभाग ने निर्माण कार्य शुरू किया। पुल के नवीनीकरण के चलते ठेकेदार ने सड़क बंद कर दी।
विभाग के काम पर उठ रहे सवाल
नियमों के अनुसार सड़क बंद करते समय वैकल्पिक मार्ग तैयार करना आवश्यक होता है, ताकि यातायात प्रभावित न हो। इसके लिए बजट में अलग से प्रावधान रहता है। लेकिन ठेकेदार ने वैकल्पिक मार्ग बनाए बिना ही सड़क बंद कर दी, जिससे आसपास के गांवों का यातायात लगभग ठप हो गया है।
इससे किसानों, नागरिकों और विद्यार्थियों को लंबा चक्कर लगाकर आवागमन करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या अधिकारियों ने बजट बनाते समय वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था को नजरअंदाज कर दिया। क्षेत्र के नागरिकों ने मांग की है कि मामले की जांच कर तत्काल वैकल्पिक मार्ग तैयार किया जाए।
