BJP Congress meeting (सोर्सः सोशल मीडिया)
Chandrapur Politics: चंद्रपुर शहर महानगरपालिका में भाजपा ने शिवसेना (यूबीटी) के साथ मिलकर सत्ता तो बना ली है, लेकिन संख्याबल बेहद नाजुक स्थिति में है। मनपा की इस डांवाडोल सत्ता को अगले सवा साल तक संभालकर रखने के लिए भाजपा को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। कांग्रेस ने स्थायी समिति चुनाव को लेकर खुली चुनौती दी है। ऐसे में विभिन्न विषय समितियों के चुनावों में बंटवारे को लेकर भी भाजपा को रणनीतिक कवायद करनी पड़ रही है।
इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में, शिवजयंती पर्व के अवसर पर भाजपा विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने कांग्रेस के कद्दावर नेता वसंत देशमुख के घर जाकर उनसे सदिच्छा भेंट की। एक समय देशमुख भाजपा के भी प्रभावशाली नेता माने जाते थे। पुराने संबंधों के चलते हुई इस मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
इस स्नेह मिलन की चंद्रपुर के राजनीतिक हलकों में व्यापक चर्चा हो रही है। आगामी दो-तीन दिनों में मनपा की स्थायी समिति के चुनाव होने हैं। भाजपा ने शिवसेना (यूबीटी) को स्थायी समिति अध्यक्ष पद का आश्वासन दिया है, लेकिन मौजूदा संख्याबल को देखते हुए चुनाव में लकी ड्रॉ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसा होने पर शिवसेना (यूबीटी) हाशिए पर जा सकती है, जैसा कि उपमहापौर चुनाव में पहले हो चुका है।
चंद्रपूर महानगरपालिकेचे नगरसेवक श्री. वसंतजी देशमुख यांच्या निवासस्थानी सदिच्छा भेट देऊन त्यांच्या विजयाबद्दल मनःपूर्वक अभिनंदन केले. जनतेच्या विश्वासाने मिळालेल्या या यशस्वी वाटचालीसाठी त्यांना जनकल्याणाच्या नव्या पर्वासाठी हार्दिक शुभेच्छा दिल्या. या सदिच्छा भेटीत जुन्या… pic.twitter.com/qswoRoxakv — Sudhir Mungantiwar (@SMungantiwar) February 19, 2026
सूत्रों के अनुसार, भाजपा आने वाले समय के लिए हर कदम बेहद सावधानी से रख रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ पार्षद वसंत देशमुख पहले भाजपा में रह चुके हैं। हाल के दिनों में उनकी घरवापसी की अटकलें भी लगी थीं, लेकिन कांग्रेस से चुनाव जीतकर उन्होंने इन चर्चाओं पर विराम लगा दिया। वर्तमान में कांग्रेस में उनका कद काफी मजबूत माना जाता है।
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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मनपा सत्ता में विकास के मुद्दे को आगे बढ़ाने और संभावित समीकरण साधने के लिए भाजपा विभिन्न स्तरों पर संवाद बढ़ा रही है। हालांकि भाजपा इसे महज शिष्टाचार भेंट बता रही है, लेकिन कांग्रेस पार्षद के घर विधायक की मौजूदगी को राजनीतिक नजर से देखा जा रहा है। बताया जाता है कि मुलाकात के दौरान दोनों नेता पुराने दिनों की यादें ताजा करते हुए काफी देर तक सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत करते रहे।