245 करोड़ कृषि घोटाले में नया मोड़, धनंजय मुंडे के कार्यालय से जांच रिपोर्ट गायब होने का आरोप
Maharashtra: सामाजिक कार्यकर्ता अंजली दमानिया ने कृषि निविदा घोटाले में धनंजय मुंडे के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की है। लोकायुक्त में पेशी के दौरान जांच रिपोर्ट गायब होने का गंभीर आरोप लगाया गया।
- Written By: अपूर्वा नायक
धनंजय मुंडे (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Dhananjay Munde Corruption Case: सामाजिक कार्यकर्ता अंजली दमानिया ने अजीत पवार गुट के नेता व पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की है।
बुधवार को लोकायुक्त के सामने हुई सुनवाई में दमानिया ने दावा किया कि कृषि निविदा घोटाले में आईएएस अधिकारी वी राधा द्वारा तैयार की गई जांच रिपोर्ट धनंजय मुंडे के कार्यालय से गायब हो गई है।
उन्होंने बताया कि मैंने लोकायुक्त के समक्ष लगभग एक घंटे तक मामले को विस्तार से प्रस्तुत किया, हैरानी की बात यह है कि कृषि निविदा घोटाले के संबंध में वी। राधा द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट मुंडे के कार्यालय भेजी गई थी, लेकिन कृषि विभाग के पत्र से स्पष्ट है कि रिपोर्ट गायब हो गई है।
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सरकारी फाइलों का इस तरह गायब होना सबूतों को दबाने का एक गंभीर प्रयास है। इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए। इस मामले की अगली सुनवाई 18 फरवरी को होगी।
मुंडे के वकीलों ने मांगी माफी
लोकायुक्त ने पिछले साल 21 अगस्त को धनंजय मुडे को दो सप्ताह के अंदर लिखित उत्तर जमा कराने के आदेश दिए थे। लेकिन मुंडे के वकीलों ने करीब – पांच महीने बाद यह उत्तर जमा कराने के लिए लोकायुक्त से माफी मांगी।
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जानें क्या है पूरा मामला
अंजलि दमानिया ने पूर्व कृषि मंत्री मुंडे पर 245 करोड – रुपए के कृषि घोटाले का आरोप लगाते कहा है कि राज्य के किसानों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के तहत सीधे बैंक खाते में पैसे भेजने की बजाय उनके लिए उपकरण और फर्टिलाइजर अधिक कीमत पर खरीद कर दिए गए, जबकि साल 2016 में ही केंद्र सरकार ने किसानों को डीबीटी के जरिए ही योजनाओं का लाभ देने का निर्देश दिया था।
