
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Gondia Farmers Issue: गोंदिया प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की वेबसाइट एक महीने से बंद होने की वजह से किसानों को योजना के लिए आवेदन, आधार सीडिंग, लैंड सीडिंग, केवाईसी जैसी जानकारी मिलने में दिक्कत हो रही है।
योजना का पैसा अकाउंट में क्यों नहीं आया? इसकी जानकारी लेने के लिए किसान बैंक, कृषि कार्यालय, सेतु केंद्र के चक्कर लगा रहे हैं और संतोषजनक जवाब न मिलने पर रोष जताया जा रहा है।
पीएम किसान योजना के तहत किसानों को हर साल 6,000 रु। डीबीटी के जरिए उनके आधार से जुड़े बैंक खाते में तीन किस्तों में जमा किए जाते हैं। केंद्र सरकार ने नवंबर में योजना की 21वीं किस्त किसानों के खातों में जमा कर दी थी।
जिले के कई किसानों को इस योजना का फायदा मिल रहा है। लेकिन,कुछ लाभार्थियों को कई महीनों से योजना की किस्तें मिलनी बंद हो सरकार हर कृषि योजना के लिए किसानों के लिए फार्मर आईडी जरूरी कर दी है।
अब सिर्फ फार्मर आईडी वाले किसानों को ही पीएम किसान की किस्त मिलने की संभावना है। योजना की 22वीं किस्त फरवरी में मिलने की संभावना है। इसलिए, किसानों को पीएम किसान की किस्तें लेते रहने के लिए अपनी फार्मर आईडी बनानी पड़ेगी।
केंद्र और राज्य सरकार ने कृषि और राजस्व विभाग को अपात्र लाभार्थियों की जांच करने का निर्देश दिया था। जब इन लाभार्थियों की जांच की जा रही थी, तो कुछ कर्मचारियों की लापरवाही के कारण कई किसान अपात्र पाए गए, इससे कई किसानों पर असर पड़ा। अब इन किसानों को यह सबूत देना होगा कि वे पात्र हैं।
योजना की किस्तें जमीन प्रमाणीकरण (लैंड सीडिंग) न होना, ई-केवाईसी न होना, बैंक खाते का आधार लिंक न होना, बैंक खाते में डीबीटी न होना, मोबाइल नंबर लिंक न होना, आधार या बैंक का नाम गलत होना आदि वजहों से बंद कर दी गई है।
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ऊपर बताए गए सभी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए पीएम किसान की वेबसाइट को खुला रखना जरूरी है। बताया गया कि वेबसाइट को अपडेट किया जा रहा है।






