ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल साक्षरता की जरूरत: मंत्री अदिति तटकरे का बयान
Aditi Tatkare: महाराष्ट्र की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिती तटकरे ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल आर्थिक साक्षरता देना जरूरी है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Aditi Tatkare Statement (सोर्सः सोशल मीडिया)
Women Entrepreneurship Maharashtra: महाराष्ट्र की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने ग्रामीण क्षेत्र में डिजिटल जागरूकता की कमी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में महिलाएं कई ऑनलाइन लेन-देन के दौरान डिजिटल बिजनेस की पूरी जानकारी न होने के कारण आर्थिक नुकसान उठा रही हैं।
उन्होंने यह बात महिला विकास मंडल, लर्निंग लिंक्स फाउंडेशन और मास्टरकार्ड के सहयोग से आयोजित आयोजन एवं अनुदान वितरण समारोह में कही। मंत्री तटकरे ने इस अवसर पर कहा कि महिलाओं को केवल व्यवसाय शुरू करने के लिए लाइसेंस देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें डिजिटल आर्थिक प्रशिक्षण देना भी अत्यंत आवश्यक है।
डिजिटल रूप से मजबूत
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की माझी लाडकी बहिन योजना के माध्यम से कई महिलाओं ने बचत कर लघु उद्योग शुरू किया है। हालांकि इन फैक्स को सफल बनाने के लिए प्रशिक्षण, अनुदान और बाजार तक पहुंच के साथ-साथ महिलाओं का डिजिटल रूप से मजबूत होना भी जरूरी है। कार्यक्रम के दौरान महिला उद्यमियों को धनादेश, सिलाई उद्योग और घरेलू व्यवसायियों के लिए सामग्री भी भेजी गई।
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‘लाडकी बहीन’ योजना बनी स्वावलंबन की प्रेरणा
मंत्री अदिति तटकरे ने कहा कि ‘लाडकी बहिन’ योजना के तहत महिलाओं ने अनुशासित बचत के माध्यम से उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। पुणे की रिद्धि वाकनाकर ने छह महीने की बचत से घरेलू आयुर्वेदिक औषधि का व्यवसाय शुरू किया और आज अपनी बेटी की पढ़ाई भी करा रही हैं। वहीं स्नेहा कांबले ने हस्तनिर्मित आभूषणों का उद्योग शुरू किया है।
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आज उनका करीब 50 हजार रुपये का रॉ मटेरियल है और हर प्रदर्शनी से 5 से 7 हजार रुपये तक की कमाई हो रही है। सशक्ति कॉन्क्लेव 2025-26 में ऐसी ही महिला ऑटोमोबाइल की सलाह का सम्मान किया गया। इस अवसर पर रायगढ़ के जिला समन्वय अधिकारी विजय ढोके, हरीश बाबू एसएन और अग्नि नाथन सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।
