Abu Azmi and Devendra Fadnavis (फोटो क्रेडिट-X)
Abu Azmi On Hate Crime Maharashtra: महाराष्ट्र की सियासत में समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और विधायक अबू आसिम आजमी ने एक बार फिर राज्य की कानून-व्यवस्था और बढ़ती ‘नफरत’ को लेकर मोर्चा खोल दिया है। विधान भवन में भावुक और आक्रामक अंदाज में बोलते हुए आजमी ने दावा किया कि वर्तमान माहौल में मुसलमानों के लिए सड़कों पर सुरक्षित चलना भी दूभर हो गया है।
उन्होंने हाल की कुछ हिंसक घटनाओं का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से हेट क्राइम के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग की है।
अबू आजमी ने सदन में कहा कि महाराष्ट्र में सांप्रदायिक सद्भाव को सत्ता के स्वार्थ के लिए बिगाड़ा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया, “आज स्थिति यह है कि दाढ़ी रखने वाले और कुर्ता-टोपी पहनने वाले शख्स को कब, कौन और कहाँ निशाना बना ले, कुछ कहा नहीं जा सकता।” आजमी ने दावा किया कि नफरत का यह जहर समाज और देश की एकता को खोखला कर रहा है। उन्होंने पुणे में इफ्तार के दौरान हुए हमले, अकोला में 17 वर्षीय मवीश की हत्या और नांदेड़ में हुए संदिग्ध धमाके का जिक्र करते हुए इसे ‘बढ़ती असहिष्णुता’ का प्रमाण बताया।
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सदन के बाहर भी अबू आजमी ने फिल्म ‘धुरंधर-2’ को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने इस फिल्म को ‘प्रोपेगेंडा’ करार देते हुए कहा कि यह सिर्फ मुसलमानों की छवि खराब करने के लिए बनाई गई है। आजमी ने मांग की कि फिल्म के निर्माताओं को जेल भेजा जाना चाहिए और फिल्म पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि देश में कई ऐसी ऐतिहासिक और वास्तविक घटनाएं हुई हैं जिन पर फिल्में बन सकती हैं, लेकिन चुनिंदा तरीके से एक समुदाय को निशाना बनाना एक गहरी साजिश का हिस्सा है।
अबू आजमी ने सीधे तौर पर गृहमंत्री और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है और लोगों में सहनशीलता खत्म होती जा रही है। आजमी ने मांग की कि हेट क्राइम (नफरत से प्रेरित अपराध) के मामलों में त्वरित सुनवाई और दोषियों को कड़ी सजा देने के लिए सरकार को विशेष कदम उठाने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने समय रहते नफरत की इस आग को नहीं रोका, तो इसका खामियाजा पूरे राज्य को भुगतना पड़ेगा।