Aaditya Thackeray Executive President Shiv Sena UBT (फोटो क्रेडिट-X)
Aaditya Thackeray Executive President Shiv Sena UBT: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर ‘ठाकरे’ ब्रांड को नए स्वरूप में पेश करने की तैयारी चल रही है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, जून महीने में होने वाली शिवसेना (UBT) की महत्वपूर्ण कार्यकारी बैठक में आदित्य ठाकरे को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हो सकता है। यह कदम न केवल आदित्य के राजनीतिक कद को बढ़ाएगा, बल्कि पार्टी के भीतर एक नई ऊर्जा फूंकने का काम भी करेगा।
महाराष्ट्र में चुनावों का दौर समाप्त होने के बाद अब सभी राजनीतिक दल अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने में जुटे हैं।
राजनीतिक गलियारों में आदित्य ठाकरे की इस संभावित पदोन्नति की तुलना साल 2003 के महाबलेश्वर सम्मेलन से की जा रही है। उस समय, शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे की मौजूदगी में उद्धव ठाकरे को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था। इसके बाद उद्धव ठाकरे ने संगठन की बागडोर संभाली और पार्टी को एक नई दिशा दी। ठीक उसी तर्ज पर, अब उद्धव ठाकरे अपने बेटे आदित्य को मुख्यधारा की राजनीति में अधिक शक्तियां और जिम्मेदारी सौंपने की योजना बना रहे हैं।
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यदि आदित्य ठाकरे को कार्यकारी अध्यक्ष का पद मिलता है, तो पार्टी में बड़े बदलावों की उम्मीद है। माना जा रहा है कि आदित्य अपनी एक स्वतंत्र और युवा टीम बनाएंगे, जिससे वफादार युवा कार्यकर्ताओं को नेतृत्व के अधिक अवसर मिलेंगे। जमीनी स्तर पर संगठन को सक्रिय करने के लिए बूथ और जिला स्तर पर भी नियुक्तियों में फेरबदल हो सकता है। चुनावी राजनीति के बाद के इस दौर में पार्टी के लक्ष्यों को हासिल करने और आक्रामकता बढ़ाने के लिए आदित्य का नेतृत्व निर्णायक माना जा रहा है।
हालांकि ठाकरे समूह की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन आंतरिक हलचलें इशारा कर रही हैं कि जून की बैठक पार्टी के भविष्य के लिए मिल का पत्थर साबित होगी। आदित्य ठाकरे पहले से ही पार्टी के प्रमुख चेहरे के रूप में उभरे हैं, लेकिन ‘कार्यकारी अध्यक्ष’ का संवैधानिक पद उन्हें आधिकारिक रूप से निर्णय लेने की शक्ति प्रदान करेगा। यह रणनीतिक कदम आने वाले समय में प्रतिद्वंद्वी शिंदे गुट और भाजपा के खिलाफ ठाकरे समूह की लड़ाई को और अधिक व्यवस्थित बनाने का प्रयास है।