Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

Mumbai News: 98वे अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन की राजधानी दिल्ली होगी साक्षी, मनेगा अभिजात मराठी के गौरव का उत्सव

इस वर्ष 98वां अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। यह सम्मेलन मराठी भाषा, साहित्य और संस्कृति के लिए एक ऐतिहासिक क्षण होगा।

  • By आंचल लोखंडे
Updated On: Feb 15, 2025 | 10:54 AM

98वे अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन। (सौजन्यः सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

मुंबई: प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी 21 फरवरी को 98वें अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे। यह देश भर के लेखकों और आलोचकों को एक साथ लाएगा। सम्मेलन पहली बार 1878 में प्रसिद्ध विद्वान और समाज सुधारक महादेव गोविंद रानाडे के अध्यक्ष के रूप में आयोजित किया गया था, और 1926 से लगभग हर साल आयोजित किया जाता है।

यह बदलते समय में मराठी की प्रासंगिकता सहित कई मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए विद्वानों, आलोचकों, और साहित्यकारों को एक साथ लाता है। मराठी लोक साहित्य, संस्कृति, और परंपराओं की जानी-मानी विशेषज्ञ और थिएटर कलाकार तारा भावलकर इस सम्मेलन की अध्यक्ष हैं, जो 71 वर्षों के अंतराल के बाद राष्ट्रीय राजधानी में लौट रही हैं।

दिल्ली में गुंजेगे मायबोली मराठी के सुर

अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन मराठी भाषा का भव्य उत्सव है, जो अपनी समृद्ध साहित्यिक परंपरा और शालीनता की महिमा को दर्शाता है। मराठी भाषा केवल संचार का माध्यम नहीं है, बल्कि पूरे महाराष्ट्र के लोगों की धड़कन है। इस वर्ष 98वां अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। यह सम्मेलन मराठी भाषा, साहित्य और संस्कृति के लिए एक ऐतिहासिक क्षण होगा।

मराठी भाषा – परंपरा और आधुनिकता का संगम

मराठी भाषा की यात्रा सिर्फ कुछ सदियों की नहीं, बल्कि संस्कृति, इतिहास, साहित्य, विचारधाराओं और आंदोलनों का जीवंत इतिहास है। चाहे वह शिव युग की युद्ध रणनीति हो, संतों के ग्रंथों की आध्यात्मिकता हो, या लोकमान्य तिलक और सावरकर की रचनाओं में क्रांति की गर्जना हो – मराठी ने हर युग में अपनी छाप छोड़ी है। आज भी यह भाषा डिजिटल युग में नए स्थान तलाश रही है तथा व्यापक रूप ले रही है।

संत साहित्य और महाराष्ट्र की संस्कृति की नींव

मराठी भाषा की समृद्धि की नींव संतों ने रखी थी। संत ज्ञानेश्वर ने गीता के दर्शन को संस्कृत से मराठी में लाकर ज्ञानेश्वरी की रचना की। मराठी का महत्व समझाते हुए संत ज्ञानेश्वर ने गर्व से कहा, “मेरी मराठी भाषा में बोलो, और तुम अमृत पर भी शर्त जीत जाओगे!” संत तुकाराम की कविताओं में सामुदायिकता की भावना पैदा करने की शक्ति है, जबकि समर्थ रामदास की रचनाओं में राष्ट्रीयता की चेतना है। इस संत वाणी ने न केवल धर्म का प्रसार किया, बल्कि मराठी जनमानस की सोच को भी एक नया आयाम दिया।

इतिहास, कविता, कहानियाँ और क्रांति – मराठी साहित्य की अंतहीन यात्रा

मराठी साहित्य सिर्फ पवित्र ग्रंथों तक ही सीमित नहीं है। सुरेश भट की ग़ज़लों, कीर्तन संस्कृति, लोक कथाओं से लेकर ऐतिहासिक जीवनियों, नाटकों से लेकर विज्ञान और प्रौद्योगिकी परंपराओं तक मराठी साहित्य ने विभिन्न पहलुओं में खुद को समृद्ध किया है। लोकमान्य तिलक के संपादकीय ने स्वतंत्रता संग्राम को गति दी, विष्णु शास्त्री चिपलूणकर ने मराठी साहित्य को नया जीवन दिया, जबकि प. एल देशपांडे ने अपनी कुशल लेखनी से मराठी को एक अलग ऊंचाई दी। बनाम एस. खांडेकर, रणजीत देसाई और शिवाजी सावंत के साहित्य ने इतिहास और समकालीन सामाजिक जीवन की एक दृष्टि निर्मित की। यह उल्लेखनीय है कि आज मराठी साहित्य नए रास्ते तलाश रहा है – किंडल तक पहुंच रहा है, पॉडकास्ट के माध्यम से सुना जा रहा है और सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है।

दिल्ली साहित्य सम्मेलन – एक ऐतिहासिक घटना

इस वर्ष 98वां अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है और यह सम्मेलन कई कारणों से ऐतिहासिक महत्व रखता है। केंद्र सरकार द्वारा मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिए जाने के बाद यह पहला साहित्यिक सम्मेलन है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इसका उद्घाटन भी गौरवपूर्ण क्षण होगा। यह सम्मेलन भारत और विश्व भर के मराठी भाषियों के लिए प्रेरणादायी होगा।

भविष्य की दिशा – मराठी भाषा और उसका संरक्षण

मराठी भाषा न केवल अतीत का गौरव है, बल्कि भविष्य के लिए एक खजाना भी है। डिजिटल क्रांति के युग में भी मराठी साहित्य नए प्रयोगों के माध्यम से आगे बढ़ रहा है। ब्लॉग, पॉडकास्ट, ऑडियोबुक, वेब सीरीज – इन सभी माध्यमों से मराठी भाषा नई पीढ़ी तक पहुंच रही है। 98वां साहित्य सम्मेलन महज एक समारोह नहीं, बल्कि मराठी के उज्ज्वल भविष्य का संकल्प है। हम सभी को इस भाषा को संरक्षित करने, इसका सम्मान करने तथा इसके विकास में योगदान देने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। तो, आइए हम अपनी मराठी भाषा की समृद्धि और उसके साहित्य की भव्यता के इस उत्सव का जश्न मनाएं!

98th all india marathi literary conference celebration of glory of classical marathi

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Feb 15, 2025 | 10:54 AM

Topics:  

  • Delhi News
  • Marathi Sahitya Sammelan
  • Mumbai News
  • Narendra Modi

सम्बंधित ख़बरें

1

मुंबई लोकल में गूंजी उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की आवाज, युवक कांग्रेस ने यात्रियों के बीच चलाया अभियान

2

मुंबई जीतने के दृढ़ संकल्प के साथ लड़ें: उद्धव ठाकरे का पदाधिकारियों को निर्देश

3

रामदास अठावले सीट बंटवारे से नाराज़, बोले-BJP के पास 26 सीटों का प्रस्ताव, कम से कम 15-16 सीटें दें

4

e-KYC कराकर बिना किसी रुकावट के उठाएं ‘लाड़ली बहन’ योजना का लाभ, अदिति तटकरे की अहम अपील

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2025 All rights reserved.