Mumbai News: 8000 लाडली निकली सरकारी कर्मचारी, वेतन से होगी 15 करोड़ की वसूली
Ladki Behin Yojana: लाडली बहन योजना में फर्जी लाडली की घुसपैठ भी इसकी एक बड़ी वजह है। जांच में 8000 ऐसी लाडली के बारे में पता चला है, जो सरकारी कर्मचारी हैं लेकिन योजना का लाभ ले रही थीं।
- Written By: आंचल लोखंडे
8000 लाडली निकली सरकारी कर्मचारी (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Maharashtra News: विधानसभा चुनाव 2024 से पहले लागू की गई महायुति की महत्वाकांक्षी ‘लाडली बहन’ योजना मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार के लिए मुसीबत बन गई है। चुनाव के दौरान गेम चेंजर साबित हुई ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण’ (लाडली बहन) योजना में फर्जी लाडली की घुसपैठ भी इसकी एक बड़ी वजह है। जांच में 8000 ऐसी लाडली के बारे में पता चला है, जो सरकारी कर्मचारी हैं लेकिन योजना का लाभ ले रही थीं। इन सरकारी कर्मचारी महिलाओं ने लाडली बहन बन कर सरकार से 15 करोड़ रुपए लूटे हैं। अब सरकार ने इन महिलाओं के वेतन से उपरोक्त पैसे की वसूली का आदेश दिया है।
महाराष्ट्र सरकार ने पिछले साल ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना’ केवल गरीब और जरूरतमंद महिलाओं के लिए शुरू की गई थी, लेकिन अब इस योजना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। जांच में खुलासा हुआ है कि हजारों सरकारी कर्मचारी और सेवानिवृत्त कर्मचारी महिलाएं नियम तोड़कर इस योजना का लाभ उठाती पाई गई हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, ऐसे लाभार्थियों की संख्या 8 हजार से अधिक है। वित्त विभाग ने अब इन सभी से करीब 15 करोड़ रुपये की वसूली का आदेश जारी किया है। यह रकम संबंधित कर्मचारियों के वेतन या पेंशन से किस्तों में या एकमुश्त काटी जाएगी।
कौन बन सकती हैं लाभार्थी?
मुख्यमंत्री लाडली बहन योजना के नियमों के मुताबिक, केवल उन महिलाओं को लाभ दिया जाना है, जिनकी पारिवारिक सालाना आय ढाई लाख रुपए से कम है। कोई भी सरकारी कर्मचारी या सेवानिवृत्त कर्मचारी को इस योजना का लाभ लेने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद कई कर्मचारियों ने गलत जानकारी देकर सरकार को गुमराह किया। महाराष्ट्र के महिला और बाल विकास मंत्रालय ने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की मदद से ऐसे सभी कर्मचारियों की सूची तैयार की है। इसमें जिला परिषद कर्मचारी, शिक्षक, विभिन्न सरकारी विभागों की महिला कर्मचारी और सेवानिवृत्त कर्मचारी शामिल हैं।
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आने वाले दिनों में इस बारे में अंतिम फैसला
सरकार इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। महाराष्ट्र सिविल सेवा आचरण नियम, 1979 के तहत दोषी कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने पर विचार हो रहा है। आने वाले दिनों में इस बारे में अंतिम फैसला होने की उम्मीद है। योजना का गलत लाभ उठाने वाली सेवानिवृत्त महिला कर्मचारियों से पैसे की वसूली के लिए पेंशन विभाग को लिखित सूचना भेजने की तैयारी सरकार कर रही है। वर्तमान में 2।25 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल रहा है।
