अहिल्याबाई होल्कर की जयंती पर बांद्रा में बनेगा 52 फुट ऊंचा काशी विश्वनाथ मंदिर
Mumbai News: बांद्रा पश्चिम सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल इस साल पुण्यश्री अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती पर 52 फुट ऊंचे काशी विश्वनाथ मंदिर की प्रतिकृति बना रहा है।
- Written By: सोनाली चावरे
काशी विश्वनाथ मंदिर (pic credit; social media)
Maharashtra News: बांद्रा पश्चिम सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल इस साल गणेशोत्सव में एक विशेष भव्य सजावट कर रहा है। मंडल ने पुण्यश्री अहिल्याबाई होल्कर की त्रिशताब्दी जयंती के अवसर पर 52 फुट ऊंचे काशी विश्वनाथ मंदिर की प्रतिकृति बनाने का निर्णय लिया है। हर साल की तरह इस बार भी मंडल ने अपने अनोखे थीम से गणेशोत्सव में खास आकर्षण जोड़ दिया है।
यह मंडल मुंबई के प्रमुख गणेश मंडलों में से एक है और इस वर्ष अपना 30वां साल मना रहा है। इसके मुख्य सलाहकार राज्य के सांस्कृतिक एवं युवा मामलों के मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार हैं। मंडल की खासियत है कि हर साल यह किसी प्रसिद्ध मंदिर की हूबहू सजावट करता है।
विवेकानंद स्मारक का मॉडल तैयार
पिछले साल कन्याकुमारी स्थित विवेकानंद स्मारक का मॉडल बनाया गया था। इससे पहले उज्जैन के महाकाल मंदिर, केदारनाथ, पशुपतिनाथ, पंढरपुर के विठ्ठल मंदिर और शिरडी साई समाधि मंदिर की प्रतिकृतियां यहां सजाई जा चुकी हैं। मंडल के रजत जयंती वर्ष पर रत्नागिरी स्थित बाल गंगाधर तिलक के महल की प्रतिकृति बनाई गई थी।
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इस साल की अवधारणा
इतिहास के अनुसार, आक्रमणकारी कुतुबुद्दीन ऐबक ने काशी विश्वनाथ मंदिर को ध्वस्त कर दिया था और उसकी जगह मस्जिद का निर्माण कराया गया था। सदियों बाद मराठा साम्राज्ञी अहिल्याबाई होल्कर ने काशी विश्वनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण कराया। हिंदू आस्था के अनुसार, काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन और गंगा स्नान मोक्ष प्राप्ति का मार्ग माना जाता है। काशी को ‘मंदिरों का शहर’ कहा जाता है, जहां करीब 1654 मंदिर स्थित हैं।
मंदिर की हूबहू प्रतिकृति
बांद्रा मंडल द्वारा बनाई जा रही 52 फुट ऊंची प्रतिकृति में मंदिर के शिखर, स्तंभ और गर्भगृह को बेहद बारीकी से दर्शाया जाएगा। विश्वेश्वर की प्रतिमा भी हूबहू स्वरूप में स्थापित की जाएगी। पूरे क्षेत्र को दीपों और रोशनी से सजाया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को भव्य आध्यात्मिक अनुभव मिल सके।
इस मंडल की खासियत यह भी है कि यहां विभिन्न जातियों और धर्मों के लोग मिलकर उत्सव मनाते हैं। हर साल फिल्म, खेल, राजनीति और समाजसेवा से जुड़े कई गणमान्य व्यक्ति भी बप्पा के दर्शन के लिए यहां आते हैं।
