घुसपैठियों का बनाया जा रहा आधार कार्ड, बिहार में चल रहे खेल का उत्तर प्रदेश एटीएस ने किया बड़ा खुलासा

Fake Aadhar Card Racket: बिहार में पैसे लेकर घुसपैठियों को आधार कार्ड बनाने का काम किया जा रहा था। उत्तर प्रदेश एटीएस ने इस गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह दो से तीन वर्षों से काम कर रहा था।
Aadhaar cards are being made for infiltrators, Uttar Pradesh ATS made a big revelation about the game going on in Bihar
यूपी एटीएस की छापेमारी। इमेज-एआई
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Fake Aadhar Card: अल्पसंख्यक बाहुल्य सीमांचल इलाके में एक बहुत बड़े गिरोह का खुलासा किया है। यहां के कुछ शातिर लोग बांग्लादेशी घुसपैठियों और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों को 5 हजार में फर्जी आधार कार्ड तैयार कर देते थे। अब तक मामले में दिल्ली, कोलकाता और उत्तर प्रदेश से 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। कल सीमांचल से भी एक जालसाज को पकड़कर उत्तर प्रदेश एटीएस अपने साथ ले गई। कुछ जालसाज पुलिस की आने की भनक मिलने पर भागने में सफल रहे हैं।

बांग्लादेश और नेपाल की सीमा से सटा सीमांचल का किशनगंज क्षेत्र है। अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्र होने से यहां बांग्लादेशी घुसपैठियों को भी छिपने में आसानी होती है। ये जालसाज घुसपैठियों और संदिग्ध लोगों को इधर-उधर आने-जाने के लिए फर्जी आधार कार्ड बनाते हैं। इस फर्जी आधार कार्ड के सहारे फिर वे अन्य तरह के दस्तावेज तैयार करते हैं। फर्जी आधार कार्ड में नंबर सही होता है। तस्वीर और पता बदल जाता है। इसके एवज में 5 हजार रुपये उस शख्स से वसूला जाता है।

उत्तर प्रदेश एटीएस पहुंची किशनगंज

उत्तर प्रदेश एटीएस ने पिछले दिनों 2 संदिग्धों को पकड़ा था। जब उन लोगों से पूछताछ की गई तो यह पता चला कि फर्जी आधार कार्ड बनाने वाला गिरोह दिल्ली, कोलकाता और किशनगंज में सक्रिय है। इसी आधार पर 10 लोगों को पकड़ा गया। इस जांच को आगे बढ़ाते हुए एटीएस की टीम कल किशनगंज के ठाकुरगंज पहुंची। वहां पहुंचने के बाद मुंशीभित्ता इलाके में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में जाली दस्तावेज, लैपटॉप, क्रॉप किया गया थंम इंप्रेशन आदि बरामद किया गया। पोठिया में छापेमारी की गई। वैसे एक आरोपी भागने में सफल हो गया।

पहले से चल रहा धंधा

फर्जी आधार कार्ड बनाने का सीमांचल में 2-3 वर्षों से चल रहा। कुछ महीने पूर्व ठाकुरगंज के टिलहाबाड़ी में भी छापेमारी की गई थी। छापेमारी के दौरान दो लोगों को फर्जी आधार कार्ड बनाते पकड़ा गया था। इसके वावजूद इस धंधे पर अंकुश नहीं लगा। फिर यह धंधा जियापोखर में शुरू हुआ। यहां बांग्लादेशी घुसपैठियों और नेपाली नागरिकों का आधार कार्ड बनाया जाता था। खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट पर गंदर्भडांगा में छापेमारी की गई थी। वहां भी फर्जी आधार कार्ड बनाने के आरोप में एक व्यक्ति को पकड़ा गया था। लगातार गिरफ्तारी के बाद भी जालसाज गिरोह अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। इससे जाहिर होता है कि किशनगंज में प्रशासनिक व्यवस्था ढीली है।

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