Mumbai News: फडणवीस कैबिनेट ने दिया ग्रीन सिग्नल, जल्द शुरू होगा विरार-अलीबाग प्रोजेक्ट
Mumbai: विरार-अलीबाग मल्टीमॉडल कॉरिडोर परियोजना को राज्य सरकार की मंजूरी मिल गई है। भूमि अधिग्रहण हेतु ₹2000 करोड़ कर्ज पर गारंटी भी दी जा रही है।
- Written By: अपूर्वा नायक
विरार अलीबाग कॉरिडोर परियोजना (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai News In Hindi: विरार-अलीबाग मल्टीमॉडल कॉरिडोर का रास्ता होता दिखाई दे रहा है। इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण ऋण के लिए राज्य सरकार गारंटी देने के लिए तैयार हो गई है। हुडको के माध्यम से 2 हजार करोड़ रुपये का कर्ज जुटाया जाएगा।
यह निर्णय मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया। विरार से अलीबाग तक बनाए जाने वाले इस कॉरिडोर से एमएमआर क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। हुडको के माध्यम से निधि जुटाने के पूर्ववर्ती सरकारी निर्णय में संशोधन की भी मंजूरी दी गई है।
इससे भूमि अधिग्रहण का मुद्दा सुलझ जाएगा और इसका जल्द ही काम शुरू हो सकेगा। यह परियोजना 126।06 किलोमीटर लंबी होगी। पालघर जिले के नवघर से पेन तहसील के बलावली तक 96.41 किमी लंबे मार्ग के पहले चरण को निर्माण, संचालन और हस्तांतरण के आधार पर स्वीकृत किया गया है।
सम्बंधित ख़बरें
बागेश्वर धाम में मनमानी पर लगाम, श्रद्धालुओं की शिकायत के बाद पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने उठाये यह कदम
एसी लोकल की छत पर चढ़ा सिरफिरा! रेलकर्मियों ने बिजली सप्लाई रोक बचाई जान
ममता दीदी राहुल गांधी की बात मानतीं, तो नतीजा कुछ और होता, संजय राउत का बंगाल हार पर बड़ा दावा
‘फडणवीस गृह मंत्री पद से इस्तीफा दें’; सोलापुर में 10 हत्याओं और नसरापुर कांड पर प्रणिति शिंदे का कड़ा प्रहार
55,000 करोड़ लागत वाली परियोजना
इस मल्टीमॉडल कॉरिडोर की अनुमानित लागत लगभग 55,000 करोड़ रुपये है। पहले चरण की अनुमानित लागत करीब 18,431,15 करोड़ रुपये है। इसका उद्देश्य एमएमआर क्षेत्र में परिवहन संपर्क को बेहतर बनाना है। इस प्रोजेक्ट में सड़क और रेलमार्गों का एकीकरण किया जाएगा। इसमें 8 से 14 लेन की एक्सेस नियंत्रित एक्सप्रेसवे होगा। विरार से अलीबाग तक की यात्रा के समय में काफी कमी आएगी। यह पालघर, ठाणे और रायगढ़ जिले को जोड़ेगा, जेएनपीटी और नवी मुंबई हवाई अड्डे जैसे प्रमुख आर्थिक केंद्रों तक पहुंच को सुगम बनाएगा।
ये भी पढ़ें :- Mumbai: BMC के पानी बिल का ₹3736 करोड़ बकाया, सरकारी विभाग भी सूची में
देवस्थान को बांद्रा में भूमि
तिरुमला तिरुपति देवस्थान को बांद्रा में 395 वर्ग मीटर सरकारी भूमि पट्टे पर देने का निर्णय लिया गया है। इस जमीन पर पार्किंग, सूचना केंद्र, कार्यालय और अन्य सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। देवस्थान की ओर से निर्मित इमारत में 2 हजार वर्ग फुट जगह जिलाधिकारी को फर्नीचर सहित दी जाएगी। यह भूमि तिरुमला देवस्थान को 30 वर्षों की अवधि के लिए एक रुपये के नाममात्र वार्षिक किराए पर दी जाएगी। यह जमीन देवस्थान को पहले से पट्टे पर दी गई 648 वर्ग मीटर भूमि के सामने है। देवस्थान को दी गई जमीन महाराष्ट्र सरकार की संपत्ति रहेगी, राजस्व विभाग का इस पर मालिकाना हक होगा। मंदिर इसका उपयोग केवल स्वीकृत उद्देश्यों के लिए ही करेगा, देवस्थान को तीन वर्षों के भीतर निर्माण पूरा करना होगा।
